RBI Governer Shaktikanta Das : कोरोना संकट से उबरने के लिए RBI ने फिर घटाया रिवर्स रेपो रेट अब 3.75 प्रतिशत, बैंको की मदद के लिए किए कई ऐलान

rbi governor shaktikanta das

rbi governor shaktikanta das

RBI Governer Shaktikanta Das : कोरोना संकट के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक के बाद एक लोगों को राहत देने के लिए ऐलान कर रहा है। आज यानि शुक्रवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए कुछ बड़े ऐलान किए हैं जिससे कुछ हद तक लोगों की परेशानियों का समाधान हो सकेगा।

रिवर्स रेपो रेट घटाने का क्या होगा फायदा

दरअसल आरबीआई के रिवर्स रेपो रेट घटाने पर बैंक अपनी नकदी को फौरी तौर पर रिजर्व बैंक के पास जमा नहीं करेंगे। ऐसा करने से बैंको के बाद कैश बचा रहेगा। जिससे बैंक उस पैसे को लोन देने के लिए ज्यादा सक्षम होंगे।

आरबीआई (RBI) ने लॉक डाउन संकट के बीच दूसरी बार रिवर्स रेपो रेट (RRR) में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की है। जिससे रिवर्स रेपो रेट में 4% कम होकर 3.75% हो गया है। ऐसा आरबीआई ने इस महीने में दूसरी बार किया है।

इसे पहले रिजर्व बैंक ने RRR में 90 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी। इसके साथ ही रेपो रेट को भी घटाया था। रेपो रेट में 75 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी। जिससे रेपो रेट 4.4% रहा।

बैंको को 50 हजार करोड़ की मदद

इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने MFI और नॉन-बैंकिंग सेक्टर के लिए 50 हजार करोड़ राशि की मदद करने का ऐलान किया है। इस राशि में से 25 हजार करोड़ नाबार्ड बैंक को, 15 हजार करोड़ सिडबी को और 10 हजार करोड़ रुपए नेशनल बैंक हाउसिंग को दिए जाएंगे।

क्या कहा RBI Governer Shaktikanta Das ने

इसके साथ ही गवर्नर शक्तिकांत दास कहा कि बैंको ने जो लोन की EMI पर 90 दिन की रोक लगाई है उन पर NPA लागू नहीं होगा। शक्तिकांत दास (rbi governor shaktikanta das) ने ये भी कहा कि कोरोना की वजह से आए आर्थिक संकट और हर तरह की परिस्थितियों पर आरबीआई की नजर है। जिससे निपटने के लिए सब कुछ नॉर्मल करने के लिए बैंकों, वित्तीय संस्थानों ने तैयारी की हुई है।

कोरोना के बाद भारत की जीडीपी में होगा सुधार

गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को करारा झटका लगा है। भारत की पहले से ही गिरी अर्थव्यस्था भी चरमरा गई है। लेकिन शक्तिकांत दास के मुताबिक भारत की जीडीपी में IMF की तरफ से 1.9% की बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया गया है। जो कि जी-20 देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा है।

IMF के आंकड़ों की बात करते हुए शक्तिकांत दास ने 2021-22 में भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी का भरोसा जताया है। कहा कि कोरोना से निपटने के बाद भारत की जीडीपी 7 फीसदी से ज्यादा रहने की उम्मीद है। वहीं खरीफ की फसल में 30 फीसदी की तेजी बताई तो मौसम विभाग के मुताबि 2020 में मॉनसून सामान्य रहेगा जिससे खेती किसानी करने वालों को राहत मिलेगी।

रिवर्स रेपो रेट क्या है

पूरे दिन का काम पूरा करने के बाद बैंकों के पास जो पैसा बचता है। उसे बैंक रिजर्व बैंक के पास जमा कर देते हैं। जिस पर रिजर्व बैंक बैंको को ब्याज देता है। जिस रेट से रिजर्व बैंक बाकी बैंकों को ब्याज देता है उसे रिजर्व बैंक(RRR) कहते हैं.

deepika singh: