Mission Raftaar : पैसेंजर ट्रेनों को मेमू में बदलकर बढ़ाई जाएगी ट्रेनों की रफ्तार, यात्रियों का बचेगा समय

Mission Raftaar

Mission Raftaar : भारत में ट्रेन की यात्रा आम आदमी के लिए बेहद की अहम और खास है। हर दूसरा आदमी ट्रेन के सहारे ही अपनी यात्रा को पूरी करता है। कुछ ट्रेनों की रफ्तार कम है तो कुछ ट्रेनों के स्टॉफ इतना ज़्यादा है कि लोग परेशानी का सामना करते हैं। ऐसे में आपके लिए बेहद अच्छी खबर है। देश में यात्रियों को विश्वस्तरीय रेल यात्रा देने के लिए दिन-रात काम कर रहा है। जानकारी के मुताबिक रेल मंत्रालय ने भारतीय रेल की रफ्तार को और तेज़ करने के लिए ख़ास योजना बनाई है।

इतनी ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जा रही है

रेल मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक भारतीय रेल मिशन के तहत ट्रेनों की स्पीड को बढ़ाने के लिए खास योजना पर काम किया जा रहा है। अभी तक 414 पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।

इन ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए देशभर में 1719 ट्रेनों को हाई स्पीड क्षमता वाली LHB के साथ चलाया जा रहा है। इन कोच का वज़न कम होता है। वज़न कम होने से ये ट्रेनें पटरियों पर ज़्यादा तेज़ी से दौड़ती हैं।

LB कोच की मैन्यूफैक्चरिंग की जा रही है

भारतीय रेल बोर्ड ने ट्रेनों को रफ्तार देने के लिए कई ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए कई महत्पवपूर्ण कमद उठाए हैं। जल्द ही साधारण ICF कोच वाली सभी ट्रेनों को LBH कोच में बदलने के लिए कार्य शुरू किया है। प्रमुख रेल फैक्ट्रियों की LB कोच में मैन्यूफैक्चरिंग की जा रही है। इसकी जानकारी रेलवे ने ट्वीटर के माध्यम से दी है। जानकारी के मुताबिक 31 जुलाई 2022 तक रेल कोच फैक्ट्रियों में कुल 1482 LB कोच की मैन्यूफैक्चरिंग की जा चुकी है। आने वाले समय में छोटी ट्रेनों की रफ्तार में तेेज़ी आएगी। इसके साथ-साथ इन ट्रेनों के स्टॉपेज को भी कम किया जाएगा जिससे कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को ज़्यादा समय तक इंतजार न करना पड़ेगा।