Anil Ambani: क्या खत्म हो जाएगा अनिल अंबानी का साम्राज्य

New Delhi: देश के मशहूर बिजनेस टायकून और रिलायंस घराने से ताल्लुक रखने वाले अनिल अंबानी (Anil Ambani) की कंपनी दिवालिया होने के कगार पर है। अनिल अंबानी (Anil Ambani) की रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने दिवालिया घोषित करने की अर्जी दी है। कभी टेलीकॉम सर्विस में टॉप पर रह चुकी कंपनी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मुंबई बेंच में अर्जी लगाई है।

कंपनी द्वारा जारी बयान में रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड ने कहा है कि कंपनी अब कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के प्रावधानों के अनुसार डेब्ट रेजूलेशन प्लान पर काम करने का निर्णय लिया है। कंपनी ने बयान में यह भी कहा है कि इसे उधार देने वालों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। इसके साथ ही कई कानूनी चुनौतियों के चलते भी कंपनी भारी-भरकम कर्ज के बोझ से उबर नहीं पा रही है।

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बुरी तरह कर्ज में डूब चुकी आरकॉम कंपनी का कहना है कि टेलीकॉम कंपनी के निदेशक मंडल ने ऋण समाधान योजना लागू एनसीएलटी के माध्यम से  शुरू करने का फैसला लिया है। कंपनी ने हाल ही में कर्ज निपटाने की योजना की समीक्षा की. इस दौरान यह बात सामने आई है कि गुजरे 18 माह के बावजूद कर्जदाताओं को अबतक कुछ नहीं मिल सका है।

कंपनी ने अब एनसीएलटी मुंबई के जरिये समाधान का रास्ता चुन लिया है। कंपनी के निदेशक मंडल का मानना है कि यह कदम कंपनी और उनसे संबंधित पक्षो के लिए हितकारी होगा। कंपनी को उधार देने वाली संस्थाओं में 12 माह में 45 बार मीटिंग्स होने के बाद भी अभी तक मतभेद सुलझ नहीं सके हैं।

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अब कंपनी ने एनसीएलटी से उम्मीद लागाई है कि यहां उनके कर्जे का निपटान 270 दिनों में पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। कंपनी ने अपने बयान में यह भी कहा है कि आरकॉम और इसकी दो सब्सिडाइज कंपनी रिलायंस टेलिकॉम और इंफ्राटेल लिमिटेड बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के फैसले को लागू करने की दिशा में सहयोग करेगा। इस फैसले का असर दूसरी अन्य कंपनियों पर नहीं पड़ेगा।

jitendra pal:
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