ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी पर कब्जा क्यों किया

1600 ई. में जब पहली बार ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी नींव भारत में रखी, तब किसी ने नहीं सोचा होगा कि एक कंपनी के द्वारा ब्रिटिश सरकार इस विशाल देश में अपना साम्राज्य स्थापित कर लेगी. दरअसल, शुरुआती दिनों में ब्रिटिश की ईस्ट इंडिया कंपनी ने यहां पर व्यापार करने के लिए अपने कदम रखे थे.भारत आने से पहले ब्रिटिश सरकार और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच एक समझौता हुआ था.

ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी पर कब्जा क्यों किया 2

ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी पर कब्जा क्यों किया 3

इस समझौते में ब्रिटिश की इकलौती ईस्ट इंडिया कंपनी ही भारत में व्यापार कर सकती थी.मतलब, ईस्ट इंडिया कंपनी के अलावा ब्रिटिश साम्राज्य की कोई भी कंपनी भारत में व्यापार करने के बारे में सोच भी नहीं सकती थी.वहीं इस कंपनी को इसके बदले करीब 46 मिलियन यूरो ब्रिटिश सरकार को देने पड़ते थे.अब इतनी बड़ी कंपनी भारत में अपना व्यापार करने के लिए सोच रही थी तो जाहिर है व्यापार के लिए काफी धन चाहिए था. उन दिनों ब्रिटिश सरकार और वहां की बैंकों ने ईस्ट इंडिया कंपनी को लोन दे दिया.

ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी पर कब्जा क्यों किया 4

ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी पर कब्जा क्यों किया 5

इधर भारत में ईस्ट इंडिया ने अपना साम्राज्य फैलाना शुरू कर दिया था. एक ओर तो कंपनी भारत की राजनीति में दखल देना शुरू कर रही थी तो वहीं दूसरी ओर कंपनी की आर्थिक रूप से कमर टूट रही थी. इसकी वजह थी कंपनी के द्वारा चाय का व्यापार.1768 ई.के बाद से अमेरिका में चोरी छिपे डच लोग चाय का व्यापार करने लगे.जिससे ईस्ट इंडिया कंपनी को चाय के व्यापार में काफी नुकसान झेलना पड़ा.कंपनी की 6.8 मिलियन किलोग्राम चाय ब्रिटिश के गोदामों और भारत के गोदामों में रखी रही.

ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी पर कब्जा क्यों किया 6

ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी पर कब्जा क्यों किया 7

इस नुकसान की भरपाई के उद्देश्य से ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी पर अधिकार जमाने के लिए अपना पहला कदम रख दिया.ब्रिटिश सरकार कर्ज की और समझौते के दौरान दी जाने वाली राशि की भरपाई करने लिए 1773 रेग्यूलेटिंग एक्ट लेकर आई जिससे ब्रिटिश सरकार ने कंपनी पर कब्जा कर लिया.बता दें, कि रेग्यूलेटिंग एक्ट ब्रिटिश के टी-एक्ट का ही अगला रूप है.इसके तहत ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों को नियंत्रित और नियमित करना, कंपनी के प्रशासनिक और राजनैतिक कार्यों को मान्यता देना और भारत में ब्रिटिश सरकार के केंद्रीय प्रशासन की भी नींव रखना शुरू कर दिया था.

ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी पर कब्जा क्यों किया 8

वहीं इतना ही नही कई इतिहासकारों का कहना है कि ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपना दायरा सिर्फ व्यापारिक स्तर पर ही नही बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी बढ़ा लिया था. कंपनी के सैनिकों ने व्यापार के जरिए भारत में कब्जा भी करना शुरू कर दिया था. ब्रिटिश हुकूमत को ये बात रास नहीं आई और यहीं से ब्रिटिश सरकार इस कंपनी में दखल देने लगी और 1858 में भारत शासन अधिनियम के अंतर्गत इस कंपनी को समाप्त ही कर दिया गया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *