Vande bharat train : महज कुछ सेकेंड में 100 किमी की रफ्तार पकड़ लेती है वंदे भारत ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

Vande bharat train

Vande bharat train : भारत में इन दिनों वंदे भारत ट्रेन की चर्चा हर तरफ हो रही है। अभी बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत ट्रेन की सौगात दी है। प्रधानमंत्री ने लाल क़िले से कहा था कि 75 हफ़्ते 75 वंदे भारत ट्रेनें। आज हम आपको भारत की स्वदेशी ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की ख़ास बातें बताएंगे। वंदे भारत का निर्माण मात्र 18 महीनों में पूरा गया था। जिस वजह से इसको ट्रेन 18 के नाम से भी जाना जाता है। बाद में इसको वंदे भारत का नाम दिया गया।

वंदे भारत ने बुलेट ट्रेन को पछाड़ा

वंदे भारत ट्रेन का जब ट्रायल हुआ तो इसने कई मामलों में बुलेट ट्रेन को भी पछाड़ दिया। वंदे भारत ट्रेन मात्र 52 सेकंड में ज़ीरो से 100 किलोमीटर स्पीड पकड़ लेती है। ये ट्रेन अधिकतम 180 किलोमीटर तक की रफ़्तार पकड़ सकती है।

इस ट्रेन का इंजन सामान्य लोकोमोटिव इंजन है। इसका डिज़ाइन आपको ज़रुर अलग सकता है। वंदे भारत ट्रेन का इंजन डिब्बों के साथ ही जुड़ा रहता है। इसको लोकेमोटिव नाम दिया गया है। ये छह हज़ार हॉर्स पावर जनरेट करता है।

हवा को काटती हुई रफ्तार पकड़ती है वंदे भारत

वंदे भारत ट्रेन के आठ डिब्बे इलेक्टिक मोटर से लैस होंगे जो कि इसके पावर को 12 हज़ार हॉर्स पावर तक ले जाता है। यही कारण है कि ये ट्रेन कुछ ही सेकंड में 100 किलोमीटिर की रफ़्तार पकड़ लेती है। वंदे भारत अपने डिज़ाइन की वजह से भी आकर्षक है। ये पूरी ट्रेन एयरोडायनमिक शेप में है। सामने की तरफ से ये कोन के शेप में है ये हवा को काटती हुई चलती है। 2018 में अक्टूबर के महीने में वंदे भारत का निर्माण पूरा हुआ था। इस ट्रेन के अधिकांश पार्ट भारत में ही बनाए गए हैं। मात्र 20 प्रतिशत पुर्ज़े बाहर से मंगाए गए हैं। वंदे भारत ट्रेन को शताब्दी एक्सप्रेस को रिप्लेस करने के लिए तैयार किया गया है।