7 गुरुवार करें साईं के इन गुप्त मंत्रों का जाप, बनेंगे जीवन के हर बिगड़े काम

Devotional news/Thursday : साईं भगवान की हर शख्स आराधना करता है. हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आदि धर्मों के लोग साईं भगवान को गुरू या फिर अपने ईष्ट मानते हैं.  ब्रहस्पतिवार का दिन गुरु की आराधना कर उनकी कृपा पाने के लिए समर्पित कर देना चाहिए. ऐसा अधिकतर देखा गया है कि लोग साईं भगवान की आराधना करते हैं लेकिन उसका उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पाता है. वहीं, कुछ लोग साईं जी को खुश कर उनका आशीर्वाद पा लेते हैं. जाहिर है कि साईं जी को प्रसन्न करने के लिए कुछ ऐसा काम करना पड़ता है जिससे वो बिना मांगे ही भक्तों को उनकी इच्छानुसार सब कुछ दे दें.  ऐसा माना जाता है कि साईं अपने भक्तों से खुश हो जाएं तो वो उनका घर खुशियों से भर देतें हैं. साईं भगवान की 7 गुरुवार सच्ची श्रद्धा से पूजा-आराधना करने से वो बहुत खुश हो जाते हैं.

sai-baba
courtsey-google images

इतना ही नहीं उनकी छोटी सी प्रतिमा के सामने या उनके मंदिर में जाकर इच्छानुसार फल की कामना भी की जा सकती है. इस छोटे से उपाय मात्र से भक्त जो भी इच्छा चाहें पा सकते हैं. ऐसा कहा जाता है सच्ची श्रद्धा से पूजा करने पर साईं साक्षात् प्रकट होकर सबकी इच्छाएं पूरी कर देते हैं.  आइये जानते हैं ब्रहस्पतिवार दे दिन किस तरह की समस्याओं से साईं अपने भक्तों की इच्छा पूर्ती कर देते हैं.  अगर आपके पास धन की कमी है, जीवन की विभिन्न समस्याओं से घिरे होने पर, घर में सुख शांति की कमी होने पर, नौकरी व्यापार में मेहनत के हिसाब से फल ना मिलने पर और यहां तक कि पढ़ाई लिखाई आदि में मन ना लगने पर आप साईं की सच्ची आराधना कर साईं बाबा की कृपा पा सकते हैं.

sai baba_image
courtsey-google images

इन समस्याओं से निजात पाने के लिए आप लगातार 7 ब्रहस्पतिवार तक 108 बार रोज श्री साईं नाथ के इन मंत्रों का सच्ची श्रद्धा से तुलसी या मोतियों की माला लेकर जाप करें.

।। श्री साईं नाथ मंत्र ।।
1- ॐ सांईं राम ।।
2- ॐ सांईं गुरुदेवाय नम: ।।
3- सबका मालिक एक है ।।
4- ॐ सांईं देवाय नम: ।।
5- ॐ शिर्डी देवाय नम: ।।

6- ॐ समाधिदेवाय नम: ।।
7- ॐ सर्वदेवाय रूपाय नम: ।।
8- ॐ शिर्डी वासाय विद्महे सच्चिदानंदाय धीमहि तन्नो सांईं प्रचोदयात् ।।
9- ॐ अजर अमराय नम: ।।
10- ॐ मालिकाय नम: ।।
11- जय-जय सांईं राम ।।
12- ॐ सर्वज्ञा सर्व देवता स्वरूप अवतारा ।।
13- ॐ साईं नमो नम:, श्री साईं नमो नम:, जय जय साईं नमो नम:, सद्गुरु साईं नमो नम: ।।