बीमारियों को दावत देता है खीरे का सेवन, इस समय तो भूलकर भी ना खाएं

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकतर हम शरीर की देखभाल करना भूल जाते हैं. शरीर की देखभाल ना कर पाने की वजह से हम हरदिन नई परेशानियों से जूझते रहते हैं. सोने की समस्या और डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं आज के शहरी जीवन में आम हो चली हैं. हमारी बिन बुलाई इन परेशानियों की मुख्य वजह होती है हमारी लापरवाही ! हम कभी-कभी गलत समय पर ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन कर लेते हैं जो इन परेशानियों की जड़ होती हैं. खासकर रात्रि के भोजन के समय हम क्या खा रहे हैं, ये हमारे पूरे शरीर की चाल पर निर्भर करता है. रात्रि का भोजन सोचसमझकर खाना चाहिए.[the_ad id=”1083″]

Food AT night_independetnews
Coutsey-google images

कुछ लोग रात के खाने में सलाद का सेवन करते हैं. कई लोग खीरे को कच्चे सलाद के रूप में खा लेते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि जो खीरा या सलाद आप खाना का पाचन सही करने के लिए खाते हैं ,वो ही आपके शरीर की पाचन क्रिया को बर्बाद कर देता है. दरअसल, खीरे में काफी मात्रा में न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं. खीरा शरीर को ठंडा रखने में मददगार साबित होता है. इसलिए इसका सेवन आधिकाधिक गर्मी के दिनों में होता है. अगर आप सर्दियों के दिनों में सलाद के रूप में खीरे का सेवन कर रहे हैं तो संभल जाइए. खीरा शरीर को ठंडा करने के लिए होता है, जिससे ये शरीर का तापमान कम कर देता है. ठंड में खीरा खाने से आपको खांसी और जुकाम जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है.

eating_cucumber_at_night
courtsey-google images

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि रात के समय खीरे का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार खीरा जल्दी से पेट भर देता है क्योंकि इसके अंदर भारीपन का गुण होता है. खीरा में पानी भरपूर मात्रा में होता है. चूंकि खीरा के खाने से पाचन क्रिया सुस्त पड़ जाती है इसलिए नींद का पैटर्न डिस्टर्ब हो जाता है. इसलिए इसके खाने से पेट तो जल्दी भर जाता है लेकिन इसको खाने के कारण आपको देर रात तक नींद नहीं आती है. वहीं, जिन लोगों के पेट की पाचन क्रिया सुस्त रहती है उनकों तो रात मेें खीरा खानेे से बिलकुल परहेज करना ्चाहिए. खीरे में पॉवरफुल इंग्रेडिएंट कुकुरबिटा सीन होता है. इस इंग्रेडिएंट की वजह से डाइजेशन की समस्या और ज्यादा बढ़ने के आसार रहते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *