JNU मामले में पुलिस को कोर्ट से मिली फटकार, कहा- बगैर इजाजत कैसे दाखिल हुई चार्जशीट

शनिवार को दिल्ली पुलिस द्वारा पटियाला हाउस कोर्ट में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय  छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया सहित 10 छात्रों पर चार्जशीट दायर करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। कोर्ट ने शनिवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस से कहा- इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कानूनी विभाग से अनुमति नहीं ली है। कोर्ट ने सवाल उठाया है कि पुलिस ने बगैर अनुमति के चार्जशीट फाइल क्यों की? इस पर दिल्ली पुलिस ने जवाब में कहा है कि इस मामले में आगामी 10 दिनों के दौरान कानूनी विभाग से अनुमति ले ली जाएगी।
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समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान कानूनी विभाग से चार्जशीट की अनुमति नहीं लेने पर कोर्ट ने कहा, बिना सरकार की अनुमति के कैसे चार्जशीट दाखिल की गई। गौरतलब है कि जेएनएयू देशद्रोह के मामले में CRPC के सेक्शन 196 के तहत जब तक सरकार मंजूरी नहीं दे देती, तब तक कोर्ट चार्जशीट पर संज्ञान नहीं ले सकता।
आपको बताते दें कि जेएनयू में 9 फरवरी, 2016 को आतंकी अफजल गुरु की बरसी पर देश के खिलाफ हुई नारेबाजी को लेकर 14 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में कन्हैया कुमार समेत 10 लोगों के खिलाफ 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में शामिल 10 लोगों में जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, सैयर उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के नाम शामिल हैं। कन्हैया कुमार के साथ अपराजिता राजा का नाम भी पुलिस ने केस में दर्ज किया है। शहला राशिद और सीपीआइ लीडर डी राजा की बेटी अपराजिता राजा इस मामले में आरोपी हैं।
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चार्जशीट पर कन्हैया कुमार, अनिर्बान, उमर खालिद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह चर्जशीट राजनीति से प्रेरित है। तीन साल बाद इस मामले के दायर होने पर मैं पुलिस का धन्‍यवाद देना चाहता हूं। मुझे भारत की न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है।

 

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