2040 तक विश्व के तेल की खपत में भारत की होगी 24 फीसद हिस्सेदारी :इंडियन ऑयल

देश में पेट्रोल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी पर इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक प्रथा घोश ने इसे देश के विकास के लिए घातक बताया है.उन्होंने बताया की 2040 तक देश में तेल की खपत करीब 500 मिलियन टन तक पहुंच जाएगी. अगर इसी तरह तेल के दामों में बढ़ोत्तरी रही तो देश की विकास धीमी हो सकती है.

इस खपत को अगर प्रतिदिन के हिसाब से देखें तो पाएंगे की जहां 2017 में प्रति दिन तेल की खपत 4.7 मिलियन बैरल होती थी. वहीं 2040 तक बढ़कर 10 मिलियन बैरल प्रति दिन हो जाएगी.एशिया पैसिफिक पेट्रोलियम कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रथा घोश ने ये भी कहा कि एक तरफ जहां पूरी दुनिया में 2040 तक 15.8 मिलियन बैरल खपत बढ़ेगी, वहीं भारत में बढ़ने वाली 5.9 मिलियन बैरल प्रति दिन की खपत कुल मिलाकर 24 प्रतिशत तक हो जाएगी.

वहीं उन्होंने ये भी कहा कि भारत की रिफाइनिंग कंपनियां 2030 तक जहां 439 मिलियन टन तेल हर साल की बढ़ोत्तरी होगी, तो वहीं देश की 365 मिलियन टन की मांग प्रति वर्ष बढ़ती जाएगी. इस हिसाब से भारत रिफाइनिंग कंपनियों की मदद से विदेश में रिफाइन तेल दे भी सकेगा. उन्होंने कहा की आने वाले 5-7 सालों के बीच जब और पेट्रोलियम रिफाइनरी कंपनियां आएंगी  तो उससे देश में एक अच्छा तेल निर्यात के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार होगा.फिर भारत काफी तेल का निर्यात करने सकेगा.उन्होंने कहा कि ये तभी संभव हो सकता है, जब देश में तेल की मांग में ज्यादा बढ़ोत्तरी ना हो.

 

बता दें कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेल पर काफी निर्भर है. ऐसा कहा जाता है कि जब कच्चे तेल में 10डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोत्तरी होती है तो भारतीय अर्थव्यवस्था में 02-0.3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की जाती है.भारत का ज्यादातर तेल ईरान से आता है लेकिन पिछले साल नवंबर में अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगा दिया था जिससे भारत में तेल लगातार महंगा होता जा रहा है.

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