जानिए कैसे मोबाइल सिक्योरिटी में सेंध लगा देते हैं हैकर

देश में बीते कुछ सालों के दौरान एक ओर जहां स्मार्टफोन्स की मांग बढ़ी है.वहीं, दूसरी तरफ इंटरनेट के टैरिफ चार्जेज में भी कमी आई है. जिसके चलते देशभर के स्मार्टफोन यूजर इंटरनेट से जुड़ गए हैं.इंटरनेट की सस्ती दरें होने की वजह से बीते सालों में इंटरनेट यूजर में काफी बढ़ोत्तरी हुई.

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इंटरनेट का ज्यादा यूज लोगों की साइबर सिक्योरिटी पर सेंध लगा रहा है. साइबर सिक्योरिटी के प्रोडक्ट बनाने वाली एक कंपनी ने एक चौकाने वाला दावा किया है. कंपनी के अनुसार देश में इस साल अप्रैल और जून के महीने में 6,31,000 साइबर सिक्योरिटी हमले दर्ज किए गए है. इस साइबर सिक्योरिटी कंपनी का ये भी कहना है कि एक दिन में उनकी कंपनी ने 2000 से ज्यादा मैलवेयर, 3000 से ज्यादा अनवांटेड एप्लीकेशन और 1000 से भी एडवेयर के हमले दर्ज किए हैं.

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बता दें कि ये कंपनी वायरस और मालवार जैसे सिक्योरिटी हैक करने वाली एप्स का हर 3 महिने में डाटा रिलीज करती है.पिछले साल की अपेक्षा इस साल इस कंपनी से बहुत ज्यादा थ्रेट दर्ज किए है. इस कंपनी की ये रिपोर्ट लोगों के मोबाइल डाटा की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करती है.जैसे क्या देश में इन थ्रेट्स से बचने का कोई उपाय है और क्या कोई ऐसी अनचाहे थ्रेट्स एप्लीकेशन से अपना डाटा कैसे सुरक्षित रख सकता है.वहीं मोबाइल इंटरनेट यूज करने वाले यूजर्स इन खतरनाक थ्रेट्स को लेकर कितना जागरुक है.क्या हैकर्स से होने वाली नुकसान की भरपाई देश कर सकता है ?

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इस कंपनी का ये भी कहना है कि मोबाइल थ्र्रेट्स का एक सबसे बड़ा कारण ये है कि लोग अपने लैपटॉप को तो वाइरस से सुरक्षित कर लेते है. लेकिन, बात जब मोबाइल की होती है तो लोग इतना ध्यान नहीं देते हैं. वो लैपटॉप की अपेक्षा अपने स्मार्टफोन्स पर एंटी-वायरस नहीं रखते हैं. इस बात का फायदा उठाकर साइबर अपराधी स्मार्टफोन यूजर्स के मोबाइल पर साइबर अटैक करते हैं. हैकर यूजर की सिक्योरिटी से छेड़छाड़ करने की कोशिश करने लगते हैं.जिसके चलते मोबाइल के द्वारा बैकिंग, हैकिंग और ऑनलाइन ट्रॉन्जैक्सन में होने वाली हैकिंग में भारी बढ़ोत्तरी भी हुई है.साइबर अपराधी  मोबाइल हैकिंग से लोगों की जरूरी जानकारियां और उनका डाटा हैक कर लेते हैं.

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