ias Anudeep Durishetty : 5 बार असफलता हासिल करने के बाद भी नहीं टूटा हौसला, upsc परीक्षा में पहली रैंक के साथ IAS अधिकारी बनकर किया पिता का सपना पूरा

ias Anudeep Durishetty

ias Anudeep Durishetty : अगर हमारे इरादे मजबूत हो तो जीवन में आने वाली हर बाधाओं को हम पार कर जाते हैं। तेलंगाना के रहने वाले अनुदीप दुरीशेट्टी यूपीएससी की परीक्षा में तीन बार असफल रहे लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और दोगनी मेहनत के साथ यूपीएससी की तैयारी में लगे रहे।

अनुदीप की कहानी ऐसे युवाओं के लिए प्रेरणा हो सकती है जो असफल होकर अपनी मंजिल को छोड़ देते हैं. अनुदीप ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन की बदौलत कई बार असफलताओं का सामना किया और फिर ऑल इंडिया में पहला स्थान हासिल कर आईएएस अधिकारी बनने का सपना भी पूरा किया. आइए जानते हैं अनुदीप के यूपीएससी परीक्षा के इस सफर के बारे में

कौन हैं आईएएस (ias Anudeep Durishetty) अनुदीप दुरीशेट्टी

अनुदीप दुरीशेट्टी तेलंगाना में जगत्याल के मेटपल्ली के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी शुरुवाती शिक्षा जिले के श्री सूर्योदय हाई स्कूल और श्री चैतन्य जूनियर कॉलेज से प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने साल 2011 में राजस्थान के बिट्स पिलानी से बी. टेक (इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन) की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्होंने सिविल सर्विसेज में जाने का मन बना लिया था। वर्ष 2012 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी थी ।

अपने पहले अटेम्प्ट में ही उन्होंने मेन्स परीक्षा क्लियर कर ली लेकिन पर्सनैलिटी टेस्ट में असफल रहे। पहला अटेम्प्ट देने के बाद उन्होंने गूगल में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर नौकरी शुरू कर दी थी। फिर साल 2013 में अनुदीप ने यूपीएससी की परीक्षा पास की लेकिन रैंक कम आने की वजह से उन्हें आईआरएस सेवा अलॉट नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने गूगल की नौकरी छोड़ कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज ऑफिसर के तौर पर ज्वाइन कर लिया। इसके बाद भी उन्होंने आईएएस बनने का सपना नहीं छोड़ा। और अपने सपनो की राह पर ही चलते रहे।

नौकरी के साथ की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी

मानव जाति और समाज के विकास में रुचि होने के कारण अनुदीप ने एंथ्रोपोलॉजी को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना । नौकरी के साथ साथ परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था। फिर भी वह समय निकालकर अपनी पढ़ाई किया करते थे।

उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया, केवल इंटरनेट के माध्यम से पढ़ाई करते रहे। अपने तीसरे और चौथे अटेम्प्ट में असफल होने के बाद भी वह कठिन परिश्रम करते रहे। आखिरकार साल 2017 के पांचवें अटेंप्ट में उनकी मेहनत रंग लाई और उनका आईएएस बनने का सपना पूरा हुआ। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में पहली रैंक हासिल की.

अपनी सफलता का पिता को देते हैं श्रेय

अपनी कामयाबी का श्रेय वो अपने पिता को देते हैं और कहते हैं कि उनके पिता ही उनके रोल मॉडल है। वो तेलंगाना के एक दूरस्थ गरीब इलाके से आते हैं। अपनी मेहनत के दम पर उनके पिता आगे बढ़े और अनुदीप को बेहतर शिक्षा दी ।

अनुदीप ने हमेशा से अपने जीवन में अपने पिता जैसा बनना चाहा है। अनुदीप के मुताबिक, हमारे प्रेरणास्रोत हमारे इर्द-गिर्द ही होते हैं बस हमें उन्हें पहचानने की जरूरत है।