B. R. Shetty : अरबों की संपत्ति के मालिक को क्यों 1 डॉलर में बेचनी पड़ी अपनी कंपनी

B. R. Shetty with family

B. R. Shetty : जिंदगी कभी आपको सितारों पर ले जाती है और कभी आपको 2 गज जमीन के लिए भी मौताज कर देती है. ये कहावत भारतीय मूल के अरबपति बीआर शेट्टी पर काफी फिट बैठती है. जहां मजबूरी के चलते उनको अपनी अरबों रुपए की सम्पत्ति को मात्र 73.52 रुपए यानि 1 अमेरिकी डॉलर में बेचना पड़ रहा है.

बीआर शेट्टी यूनाइटेड अरब अमीरात से अपना व्यापार संभालते हैं. उनकी कंपनी फिनाब्लर पीएलसी इस समय मात्र 1 डॉलर में बिक रही है. जिस कंपनी की मार्केट में 1.5 बिलियन पाउंड हुआ करती थी वो अब इतने सस्ते दामों में बेची जा रही है.

बीआर शेट्टी के सितारें पिछले वर्ष से ही डूबना चालू हो गए थे. उनपर अरबों डॉलर का कर्ज है. वहीं, भारत और UAE की सरकारों द्वारा उनपर फर्जीवाड़े के कई मामले भी दर्ज हैं. शेट्टी की फाइनेंस क्षेत्र से जुड़ी कंपनी फिनाब्लर ने ग्लोबल फिनटेक इन्वेस्टमेंट होल्डिंग के साथ समझौता कर लिया है. ग्लोबल फिनटेक प्रिज्म ग्रुप की सहयोगी कंपनी है. ग्लोबल फिनटेक को ही बीआर शेट्टी की कंपनी अपनी सारी संपत्ति बेचने जा रही है.

B. R. Shetty की सफलता की कहानी

बीआर शेट्टी (B. R. Shetty) ने अपने करियर की शुरुआत 70 के दशक में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर की थी. 1970 में उन्होंने पहली बार भारत में एनएमसी हेल्थ की शुरुआत की थी. इसके बाद ये कंपनी देश की पहली ऐसी कंपनी बनी जो लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हो सकी.

70 के दशक में ही 8 अमेरिकी डॉलर लेकर वो यूनाइटेड अरब अमीरात पहुंच गए. वहां उन्होंने यूएई एक्सजेंच की शुरुआत की. यूएई एक्सचेंज, यूके की एक्सचेंज कंपनी ट्रैवलेक्स तथा कई छोटे-छोटे पेमेंट सॉल्यूशंस प्रोवाइडर्स तथा शेट्टी की फिनब्लर के साथ मिलकर 2018 में सार्वजनिक हुई. जहां उन्होंने हॉस्पिटेलिटी, फार्मास्यूटिकल उत्पाद बनाने वाली कंपनी और रियल स्टेट में काम करना शुरू कर दिया. और सफलता के मुकाम को छुआ

इस रिपोर्ट के बाद से शेट्टी के साम्राज्य को लगा झटका

बीआर शेट्टी को मड्डी वाटर रिसर्च के फाउंडर और शार्ट सेलर कारसन ब्लॉक ने एक हेल्थ सेक्टर से जुड़ी एक रिपोर्ट प्रकाशित की. इस रिपोर्ट में बताया गया कि शेट्टी की कंपनी एनएमसी हेल्थ पर संपत्ति को फर्जी दिखाया गया है और उन्होंने इस कंपनी से जुड़ी कई संपत्तियों की चोरी भी की है. इस रिपोर्ट का असर ये हुआ की इस कंपनी को लंदन स्टॉक एक्सचेंज से हटा दिया गया. यहां से हटने के कुछ दिन बाद ही कंपनी ने बताया कि उसपर 5 अरब डॉलर का कर्ज है.