ias apoorva tripathi : छोटे गांव से निकलकर पिता ने बेटी को पढ़ाया, IAS अधिकारी बनकर बेटी ने परिवार का नाम किया रोशन
ias apoorva tripathi : यूपीएससी की परीक्षा को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षा के रूप में जाना जाता है। इस परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले उम्मीदवार लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन जाते हैं और अपने साथ वो पीछे आने वाली जेनरेशन को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दे जाते हैं। आज हम आपको एक ऐसे आईएएस अधिकारी के बारे में बताएंगे जिन्होंने तीन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर एक नई मिसाल पेश की है। इस आईएएस अधिकारी का नाम अपूर्वा त्रिपाठी है.
छोटे से गांव से निकलकर उनका पीसीएस परीक्षा में 2 बार सिलेक्शन हुआ. वहीं, आखिरी बार वो आईएएस अधिकारी बनीं और परिवार का नाम रोशन कर ये साबित कर दिया कि लड़कियों को मौका मिले तो वो भी कदम से कदम मिलाकर चल सकती हैं. आइए जानते हैं
कौन हैं (ias apoorva tripathi) आईएएस अपूर्वा त्रिपाठी
अपूर्वा त्रिपाठी मूलरूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बांसगांव तहसील के छोटे से गांव मलांव रहने वाली है. लेकिन फिलहाल वो प्रयागराज में रह रहीं हैं. इनके पिता का नाम दिनेश त्रिपाठी है प्रयागराज में इनकी पोस्टिंग सिंचाई विभाग में इंजीनियर के रूप में हुई है। अपूर्वा की माता का नाम सीमा त्रिपाठी है जो एक गृहणी हैं। घर में माता-पिता के अलावा इनकी एक बहन है जो बीएससी की छात्रा है और इनका भाई है, जो बीटेक कर रहा है।
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अपूर्वा की शुरुआती पढ़ाई प्रयागराज में ही हुई। साल 2013 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में 84 फीसद अंक हासिल किया था. बचपन से ही पढ़ाई में अच्छी होने की वजह से उन्होंने आगे चलकर बीटेक की तैयारी करने का विचार किया. अपूर्वा ने बीटेक की पढ़ाई करने के लिए कानपुर के विश्वविद्यालय में एडमिशन ले लिया। साल 2018 में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला किया। यहीं से इन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.
68वीं रैंक हासिल कर बनीं आईएएस अधिकारी
यूपीएससी की तैयारी के लिए इन्होंने किसी कोचिंग संस्थान की मदद नहीं ली बल्कि यह घर पर ही रहकर परीक्षा की तैयारी करने लगी। इस दौरान वो अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी हिस्सा लेती रहती थी। 2 साल की कड़ी मेहनत के बाद साल 2020 में होने वाली यूपीएससी की परीक्षा में इन्हें सफलता हासिल हुई। अपूर्वा ने साल 2020 की यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया 68 वी रैंक के साथ सफलता हासिल की। अपूर्वा से जुड़ी सबसे खास बात यह है कि इन्होंने मात्र 7 महीने के अंदर देश की तीन बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की।

पीसीएस 2019 में इनका चयन नायब तहसीलदार के रूप में हुआ। इसके बाद पीसीएस 2020 में इन्हें एआरटीओ पद पर सफलता हासिल हुई। इसके बाद यूपीएससी 2020 में इन्होंने 68 वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की। और इसी के साथ इनका आईएएस बनने का सपना पूरा हो गया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अपूर्वा की सलाह है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान पूर्व प्रश्न पत्रों की प्रैक्टिस जरूर करें। ऐसा करने से लिखने की पूरी प्रैक्टिस होती है जिससे मेंस परीक्षा में बहुत सहायता मिलती है।