Pankaj Yadav ias : यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर बेटे ने किया फोन, बोला- मां तेरी तपस्या सफल हो गई मैं IAS अधिकारी बन गया
Pankaj Yadav IPS : कभी-कभी जीवन के किसी एक पल का दिमाग पर कुछ ऐसा असर पड़ता है, जिसका प्रभाव हमारी आने वाली पूरी जिंदगी पर भी पड़ता है। आज हम आपको जिस आईएएस अधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं उनके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. इस आईएएस अधिकारी का नाम डॉ पंकज यादव है.
बचपन में अफसर शाही से परेशान होकर उनको यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का विचार किया . कड़ी मेहनत और लगन की बदौलत उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में अच्छी रैंक हासिल की. फिलहाल वो आईएएस अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे. आइए जानते हैं पंकज यादव ने कैसे देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की.
कौन हैं (Pankaj Yadav ias) आईपीएस डॉ पंकज यादव
पंकज यादव का जन्म हरियाणा राज्य के रेवाड़ी जिले के एक छोटे से गांव टींट में हुआ था। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले पंकज यादव ने गांव से ही अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की। हाईस्कूल की परीक्षा के बाद उनके साथ ऐसा वाक्या हुआ कि उसने पंकज की पूरी जिंदगी बदल दी. एकबार जब वो इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहे थे तभी परीक्षा पास करने के बाद इन्हें बीसीबी का प्रमाण पत्र तैयार करवाना था जिसके लिए ग्राम सचिव, पटवारी और एसडीएम के हस्ताक्षर की आवश्यकता थी।
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इसके लिए पंकज को काफी चक्कर लगाने पड़ गए। काफी दिनों की भागदौड़ के बाद इनका ये काम बड़ी मुश्किल से पूरा हो पाया। इस घटना ने पंकज के मन पर गहरा असर डाला. और इन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का मन बना लिया. इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए रोहतक के एक मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले लिया। साल 2016 में इन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की।
एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने फैसला कर लिया कि यह आईएएस ऑफिसर के रूप में देश की सेवा करेंगे। पढ़ाई पूरी होते ही ये यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।
आसान नहीं था आईपीएस अधिकारी बनने का सफर
पंकज यादव का यूपीएससी परीक्षा की तैयारी का सफर आसान नहीं था। पहले प्रयास में ही असफलता का सामना करना पड़ा। दूसरे प्रयास में इन्हें सफलता तो मिली लेकिन रैंक ज्यादा होने की वजह से इन्हें वह पोस्ट नहीं मिल पाई, जिसके लिए यह प्रयासरत थे। साल 2018 में दूसरे प्रयास में इन्हें 589वीं रैंक मिली थी। पंकज यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए बताते हैं कि उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी के लिए सोशल मीडिया की दुनिया से दूरी बनानी होगी। वो दिन में कम से कम 6-8 घंटे की पढ़ाई करते थे।
56वीं रैंक हासिल कर बने आईपीएस अधिकारी
लगातार परीक्षा में असफलता मिलने और आईएएस अधिकारी ना बनने पर उन्होंने फिर से तैयारी करना शुरू कर दिया। आखिरकार तीसरे प्रयास में इन्हें सफलता हासिल हो ही गई। साल 2019 में ऑल इण्डिया 56वीं रैंक के साथ यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की। इन दिनों इनकी पोस्टिंग इम्फाल में है। उनकी इस सफलता के बाद पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपनी मां से बात की. उन्होंने मां से कहा कि आपकी मेहनत सफल हो गई. अब आपका बेटा आईएएस अधिकारी बन गया है.

परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए पंकज सलाह देते हैं कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सलाह दी कि आप कितनी बार असफल हो गए हैं. इस पर ध्यान देने की बजाय नए जोश के साथ अगली परीक्षा कि तैयारी में जुटे। कड़ी मेहनत और सच्चे लगन से अगर तैयारी की जाएगी तो सफलता अवश्य हासिल होगी।
IAS पंकज की सफलता की कहानी उन अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है जो यह मानते हैं कि छोटे शहर में होने की वजह से व संसाधनों की कमी होने की वजह से उनके सफलता की राह में बाधा आ रही है। छोटे से गांव से संबंध रखने वाले पंकज ने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करके यह साबित कर दिया की यदि मन में सच्ची लगन हो तो मंजिल पर पहुंचने से कोई रोक नहीं सकता।