अगर आप भी अपने मासूम बच्चे को लगाते हैं ये पाउडर तो हो जाएं सावधान

हमारे घर में ऐसे कई केमिकल होते हैं, जो हमारे लिए घातक साबित हो सकते हैं। इनमें से बहुत सारे केमिकल कैंसर का कारण भी बन सकते हैं। ये कैंसर का जोखिम बढ़ाने वाले केमिकल रोज घर में इस्तेमाल की जाने वाली चीज़ों में पाए जा सकते हैं।  विदेशों में विवादों में रही बच्चों के लिए शैम्पू, टैल्कम पाउडर और साबुन बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन अब भारत में भी सवालों के घेरे के बीच आ गई है।

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ऐसा बताया जा रहा है कि कंपनी के सभी उत्पादों में कैंसर कारक तत्व होने की आशंका है, जिसकी वजह से भारत में इसके उत्पादन पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही इस कंपनी के प्रोडक्ट के इकठ्ठे किए गए सैंपल की जांच भी की जाएगी। सेंट्रल ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) की तरफ से ये निर्देश जारी होने के बाद बुधवार को ड्रग निरक्षकों ने सैंपल लिए थे।
एक न्यूज़ एजेंसी ने ये खुलासा भी किया है कि 1970 से लेकर 2000 तक कंपनी अपने उत्पाद में एस्बेस्टस का प्रयोग करती रही थी. इस बात की जानकारी कंपनी में कार्यरत हर व्यक्ति को थी, लेकिन उन्होंने इसे बाहर नहीं आने दिया. भारत में भी लाखों की संख्या में छोटे बच्चे कैंसर का शिकार होते जा रहे हैं, जिसमें काफी बच्चों की मौत भी हो चुकी है.

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गौरतलब है कि हाल ही में जॉनसन एंड जॉनसन को अमेरिका की एक अदालत ने 22 महिलाओं को 470 करोड़ डॉलर (लगभग 32,000 करोड़ रुपये) हर्जाना देने को कहा था। इन महिलाओं ने जॉनसन एंड जॉनसन के टैलकम पाउडर में एसबेस्टस होने और इसके इस्तेमाल से गर्भाशय का कैंसर होने का आरोप लगाया था। इससे पहले 2016 में भी कंपनी को एक कैंसर के मरीज को समान समस्या होने के चलते 375 करोड़ (55 मिलियन डॉलर) का हर्जाना भरना पड़ा था. इस कम्पनी पर ऐसा कई बार जुर्माना लगाया जा चुका है.

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