Education in india : जानिए Lockdown की वजह से कितनी प्रभावित हो रही भारतीय शिक्षा व्यवस्था

Education in india : देश में कोरोना महामारी की वजह से हर सेक्टर प्रभावित हुआ है। ऑटो सेक्टर, यातायात, एविएशन, रियल एस्टेट, कृषि हर जगह सिर्फ मंदी की मार है। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना ने जीवनशैली को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है।

अब ऑनलाइन काम को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, कोरोना से शिक्षा प्रणाली (Education in india) भी प्रभावित हुई है। स्कूल कॉलेज बंद हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई को नुकसान हो रहा है। हालांकि सरकार की तरफ से शिक्षा में आई परेशानियों को सुधारने के लिए कई अहम कदम भी उठाए गए हैं।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोरोना महामारी का प्रकोप जैसे ही बढ़ा वैसे ही सरकार ने कुछ समय के लिए स्कूल कॉलेज (education india) को बंद कर दिया। हालांकि ताजा हालात को देखकर सरकार फिर से स्कूल कॉलेज खोलने की सोच रही है। ये समय शिक्षा के लिहाज (education in india) से काफी महत्वपूर्ण है। क्योंकि इस दौरान कई कॉलेज, यूनीवर्सिटी के एंट्रेंस और सरकारी नौकरी के एग्जाम होने हैं।

सिर्फ इतना ही नहीं ये समय बोर्ड और छोटी क्लासेस के एग्जाम्स का भी है। तो अगर स्कूल नहीं खोले गए तो बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। लॉकडाउन की वजह से पूरी दुनिया में करीब 600 मिलियन स्कूल प्रभावित हो चुके हैं।

कोविड-19 से बचने के लिए स्कूलों के क्या हालात है, शिक्षा प्रणाली (education in india) में क्या दिक्कतें आ रही हैं और परेशानियों का समाधान कैसे किया जाए चलिए उस पर एक नजर डालते हैं।

Education in india : कोरोना का प्रभाव

  • स्कूल बंद हो गए।
  • परीक्षा की तारीख बढ़ाई गई या समय सीमा बढ़ाई गई।
  • लोग समय-समय पर घरों को साफ और सैनेटाइज करने का काम कर रहे हैं।
  • डर की वजह से लोगों के मन में लंबे समय तक घर से बाहर न निकलने की सोच रहे हैं।

education of india : कोरोना का शिक्षा प्रणाली पर असर

  • कोरोना की वजह से इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, कृषि, फैशन डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट के एंट्रेंस एग्जाम कैंसिल हो गए। ये हालात सभी प्राइवेट इंस्टीट्यूट और यूनीवर्सिटी के है। इसी वजह से इंस्टीट्यूट की फैकल्टी और वहां काम करने वाले लोगों की सैलरी में कटौती, सैलरी में देरी यहां तक सैलरी में बढ़ोत्तरी भी रोक दी गई।
  • लॉक डाउन की वजह से परीक्षा पोस्टपोन कर दी गई। इसीलिए बच्चों पर अब आगे पढ़ाई (education in india) का लोड बढ़ने लगा है। यहां तक मंदी की वजह से कॉलेज के बच्चों को इंटर्नशिप और प्लेसमेंट भी नहीं हो पा रहा है।
  • लॉक डाउन की वजह से छात्रों की काउंसलिंग (education counseling) भी प्रभावित हुई है।
  • मंदी की वजह से कई इंस्टीट्यूट ने अपने यहां जरुरत की फैकल्टी की भर्तियां भी बंद रोक दी हैं। जिस वजह से पढ़ाई की गुणवत्ता में कमी आएगी।
  • बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
  • बेशक टैक्नोलॉजी इस दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। लोग घरों से काम कर रहे हैं। लेकिन भारत में कुछ स्कूल ऑनलाइन टैक्नोलॉजी को नहीं अपना पा रहे हैं। छोटे और सरकारी स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई (online education in india) को प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं।

इसलिए स्कूल बंद होने के बाद ई-लर्निंग का कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। स्कूलों में पढ़ने वाले (education of india) बच्चे मिड डे मिल से भी वंचित हो रहे हैं। इससे आर्थिक और सामाजिक चिंता बढ़ रही है।

  • सिर्फ छोटे प्राइवेट और सरकारी स्कूल ही कोरोना की वजह से प्रभावित नहीं हो रहे हैं बल्कि बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी भी प्रभावित हुई है। जिससे आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा।

यूके,अमेरिका,ऑस्ट्रेलिया और चीन से छात्र भारत में बड़ी संख्या में पढ़ने आते है लेकिन इस समय ये देश भी कोरोना की मार झेल रहे हैं। इसीलिए ऐसे में भविष्य में विदेशी छात्र भारत (education in india) में पढ़ने के लिए एडमिशन नहीं लेंगे। ऐसे में भारी तादाद में हाई एजुकेशन भी प्रभावित होगी।

education in india
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  • कोरोना का एक कारण बेरोजगारी भी है। जिन बच्चों ने अपनी ग्रेजुएशन पूरी की है। मौजूदा हालात को देखकर उनमें बेरोजगारी का डर है। क्योंकि कोरोना की वजह से हर सेक्टर प्रभावित हुआ है। आंकड़ों की बात करें तो भारत में मार्च महीने में बेरोजगारी दर 8.4% वहीं 23% अप्रैल में बेरोजगारी दर बढ़ी है।

वहीं, सबसे ज्यादा शहरों में 30.9% बेरोजगारी बढ़ी है। हालांकि आज के हालात को देखकर इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता कि शिक्षा में टैक्नोलॉजी (education in india report) इस समय एक महत्वपूर्ण रोल निभा रही है।

शिक्षा को प्रभावित होने से बचाने के उपाय

1.बिजली की आपूर्ति, शिक्षकों को इंटरनेट की जानकारी और इंटरनेट कनेक्शन की मदद से डिजिटल शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा दिया जाए ।

2.गरीब परिवार के बच्चों को भी ये सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए। जिससे वो भी ऑनलाइन शिक्षा का हिस्सा बन सकें। क्योंकि पैसों के अभाव के कारण बच्चे इन सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।

3.छोटे स्कूल के शिक्षकों और बच्चों को डिजिटलाइजेशन से जोड़ने के लिए सरकार (minister of education in india) की तरफ से सहायता मिलनी चाहिए।

4.डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी देनी बहुत जरुरी है। क्योंकि आज भी ऐसे लोग हैं जिन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

5.वेकैंसी, इंटर्नशिप कार्यक्रम और रीसर्च प्रोजेक्ट के लिए उपाय खोजने चाहिए जिससे महामारी के समय में बेरोजगारी के संकट को कम किया जा सके।

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