Santosh Mishra IPS : अमेरिका में अच्छी खासी नौकरी छोड़कर शुरू की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी, बन गए IPS अधिकारी

Santosh Mishra IPS

Santosh Mishra IPS : समाज सेवा आसान काम नहीं है। पहले अपने आप को इतना सशक्त बनाना होता है कि आप दूसरों की मदद कर पाए। UPSC के जरिए लाखों अभ्यर्थी हर साल समाज सेवा का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ते हैं, लेकिन सफलता सिर्फ उन्हें मिलती है जिनके हौसले मजबूत होते हैं। इस परीक्षा के जरिए ऐसे लोगों का सिलेक्शन होता है, जो समाज को कुछ सकारात्मक देने की क्षमता रखते हैं।

सफलता की कहानी में आज हम एक ऐसे ही व्यक्ति की बात करने वाले हैं, जिन्होंने समाज सेवा के लिए बहुत बड़ा बलिदान दिया और अपना नाम उन चुनिंदा लोगों में दर्ज करवाया, जो दौलत से ज्यादा इंसानियत में भरोसा रखते हैं। इस आईपीएस अधिकारी का नाम संतोष मिश्रा है.

कौन है (Santosh Mishra IPS) संतोष मिश्रा

मूल रूप से बिहार के पटना के रहने वाले संतोष मिश्रा रिटायर्ड आर्मी मैन के बेटे हैं। संतोष ने 12वीं तक की पढ़ाई बिहार में रहकर ही पूरी की है। जिसके बाद उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी से मकैनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद उनका सिलेक्शन एक इंटरनेशनल कंपनी में हो गया। जिसके लिए वो US शिफ्ट हो गए और वहीं सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करने लगे।

समाज सेवा के लिए छोड़ी नौकरी

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर और 50 लाख की नौकरी किसी के लिए भी ड्रीम हो सकता है। संतोष भी 4 सालों तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर वहां नौकरी करते रहे, लेकिन संतोष का मन ज्यादा दिनों तक वहां नहीं लगा। संतोष बताते हैं कि उन्होंने बचपन से ही अपने पिता को आर्मी में देखा, ऐसे में देश सेवा की प्रेरणा उनके मन में हमेशा से थी।

इसलिए 2011 में न्यूयॉर्क से जॉब छोड़कर वो वापस इंडिया आ गया। यहां आकर उन्होंने अपने देश सेवा के सपने को साकार करने के लिए सिविल सर्विसेज की सेल्फ प्रिपरेशन करना शुरू कर दिया।

पहली बार में पास की सिविल सेवा परीक्षा

एक साल की कड़ी मेहनत और मजबूत विश्वास के बाद जब संतोष ने 2012 में अपना पहला UPSC अटेम्प्ट दिया, तो उन्हें पहली बार में ही सफलता हासिल हो गई। उन्होंने IPS के तौर पर नौकरी ज्वॉइन की और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस वक्त संतोष गोंडा जिले में SP के पद पर कार्यरत हैं। अपने स्वभाव के अनुरूप वो हमेशा लोगों की मदद करते रहते हैं। उनका मानना है कि Law & Order को संभालना उनका कर्तव्य है, लेकिन इन सबके बीच समाज के लिए कुछ करते रहना भी जरूरी है।

संतोष एक किस्सा शेयर करते हुए बताते हैं कि जब वो अमरोहा जिले में SP थे, उस दौरान 5वीं कक्षा के बच्चे ने उनसे शिकायत की थी कि उसका एक दोस्त 15 दिनों से स्कूल नहीं आ रहा। वो बात उन्हें अच्छी लगी, साथ ही साथ चिंता भी हुई। इसलिए उन्होंने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और पता किया बात क्या है। संतोष आगे बताते हैं कि उस बच्चे के घर जाकर पता चला कि वो मिठाई की दुकान पर काम करने गया है। जिसके बाद वो खुद दुकान पर पहुंचे और बच्चे के पिता को समझाया। जिसके बाद वो बच्चा दोबारा पढ़ने के लिए स्कूल गया।