IAS Anmolam : टीचर के बेटे ने की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी, पहले प्रयास में मिली असफलता फिर बने IAS अधिकारी

IAS Anmolam

IAS Anmolam : इंसान की तरक्की उसकी मेहनत पर निर्भर करती है और मेहनत करने वाला कोई भी शख्स असफलता को मात देकर सफलता के नए आयाम गढ़ सकता है। सिविल सेवा परीक्षा को लेकर भी कई ऐसे उदाहरण है, जो इस बात की सीख देते हैं कि सफलता परिश्रम का ही प्रतिफल है। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी परीक्षा की सफलता की कहानियों में आज हम जिस शख्स के बारे में बताएंगे उसका नाम अनमोलम हैं.

उन्होंने असफलता का मुंह जरूर देखा लेकिन अपनी मेहनत के बल पर उसे अपनी कामयाबी में तब्दील कर दिया। अनमोलम की कहानी ऐसे युवाओं के लिए प्रेरणा हो सकती है जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करते हुए असफलता मिलने पर प्रयास करना छोड़ देते हैं. आइए जानते हैं आईएएस अनमोलम की कहानी के बारे में

कौन है (IAS Anmolam) अनमोलम

अनमोलम मूल रूप से देवघर (झारखंड) के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम दीनबंधु, जबकि माता का नाम निर्मला देवी है। दोनों पेशे से शिक्षक है। अनमोलम की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा देवघर से ही हुई है। उन्होंने 2008 में DAV स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की है। वहीं DPS रांची से साल 2010 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। अनमोलम ने इंटरमीडिएट के बाद CLAT की परीक्षा को पास करने के बाद चाणक्या नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में दाखिला ले लिया और 2015 में BA LLB की डिग्री हासिल कर ली। उच्च शिक्षा में आगे बढ़ते हुए अनमोलम ने 2017 में दिल्ली की साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल लॉ में LLM भी किया। पढ़ाई के दौरान ही उनके अंदर समाज के लिए कुछ करने का जज्बा पैदा हो गया था।

अनमोलम बताते हैं कि 2017 के बाद उनके पास दो रास्ते थे। या तो वह एकेडमिक्स में चले जाते, जिसके लिए उनके पास कई बेहतरीन ऑफर्स भी थे। अन्यथा वो अपने सपने को साकार करने के लिए आगे बढ़ते। जैसा कि साफ उन्होंने दूसरे ऑप्शन को ज्यादा तवज्जो दी और दोबारा पीछे मुड़कर नहीं देखा। वहीं अनमोलम की इस जर्नी में उनका परिवार हमेशा साथ खड़ा रहा और जरुरत पड़ने पर प्रेरित भी करता रहा।

असफलता के आगे हार नहीं मानी

अनमोलम शुरुआत से ही सिविल सेवा परीक्षा को लेकर काफी गंभीर थे। ऐसे में तैयारी करने के दौरान उन्होंने दिन-रात एक कर दिए और जमकर कड़ी मेहनत की। लेकिन 2019 में जब उन्होंने अपना पहला अटेम्प्ट दिया तो उनके हाथ असफलता लगी। वह प्रीलिम्स की परीक्षा पास नहीं कर पाए। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और नकारात्मकता को हावी नहीं होने दिया। बल्कि उन्होंने परीक्षा को लेकर अपना ध्यान और भी ज्यादा केंद्रित कर लिया। पहले प्रयास की गलतियों पर उन्होंने मंथन किया और जो कमियां रह गईं थीं उन्हें सबसे पहले दूर किया।

परिश्रम का कोई दूसरा विकल्प नहीं है

अनमोलम ने 2020 के अपने दूसरे प्रयास में आखिरकार कामयाबी हासिल कर ही ली। उन्होंने UPSC की परीक्षा में ऑल इंडिया 103वीं रैंक हासिल कर सफलता हासिल कर अपना नाम रोशन कर दिया। उनकी इस सफलता से ना सिर्फ उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. बल्कि उनके पड़ोसी भी काफी देवघर के इस बेटे पर गर्व महसूस कर रहे हैं. अनमोलम का मानना है कि UPSC की परीक्षा न सिर्फ ज्ञान का टेस्ट है, बल्कि धैर्य का भी है। परिश्रम का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। अनमोलम ये भी मानते हैं इस परीक्षा में मेहनत और भाग्य दोनों का अहम रोल है। साथ ही इस पूरी प्रक्रिया में बहुत कुछ सिखाने को मिलता है।