Mandar Jayantrao Patki : बिना कोचिंग की मदद के बेटे ने पूरा किया माता-पिता का सपना, पहले प्रयास में ही बनें IAS अधिकारी

Mandar Jayantrao Patki

Mandar Jayantrao Patki : संघ लोक सेवा आयोग की सिविल परीक्षा को यूं तो देश का सबसे कठिन एग्जाम माना जाता है। इस इम्तिहान को पास करने के लिए दिन-रात एक करना पड़ता है। कई अभ्यर्थी सालों साल मेहनत करने के बाद इस परीक्षा में सफल हो पाते हैं, तो कुछ फिर भी नहीं हो पाते। कुछ लोगों को तो इस परीक्षा के पैटर्न को ही समझने में लंबा वक्त लग जाता है। कुल मिलाकर ये परीक्षा एक तपस्या के समान है, जिससे कोई आम आदमी पार नहीं पा सकता। इसमें सफलता हासिल करने के लिए आपको खास होना ही पड़ता है।

इस पोस्ट में हम जिस व्यक्ति की बात करने वाले हैं वो ना सिर्फ खास हैं, बल्कि सबसे अलग भी हैं। इस आईएएस अधिकारी का नाम मंदार जयंतराव पत्की है. उन्होंने इस परीक्षा को बिना किसी कोचिंग की मदद के पास किया है. मंदार की सफलता ऐसे युवाओं के लिए प्रेरणा हो सकती है जो सीमित संसाधनों के बीच देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करना चाहते हैं. इतना ही नहीं मंदार उन सभी लोगों के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल है, जो सिविल सेवा परीक्षा में कामयाब होने का ख्वाब देखते हैं।

कौन है (Mandar jayantrao patki upsc) मंदार जयंतराव पत्की

मंदार जयंतराव पत्की महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं। शुरुआती शिक्षा हासिल करने के बाद मंदार ने पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज से डिप्लोमा किया। जिसके बाद उन्होंने विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी से B.Tech की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही मंदार के मन में सिविल सेवा को लेकर विचार आया था और इस तरह उन्होंने UPSC की परीक्षा देने का फैसला कर लिया। मंदार ने ग्रेजुएशन खत्म होने के तुरंत बाद ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।

इस दौरान उन्होंने ना तो कोई कोचिंग ज्वाइन की और ना ही किसी तरह की सहायता ली। सेल्फ स्टडी के बलबूते उन्होंने UPSC की तैयारी की। मंदार बताते हैं कि उन्होंने स्ट्रेटजी बनाकर अपनी तैयारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने एक टाइम टेबल बनाया, जिसमें परीक्षा से जुड़ी जरूरी बातों (जैसे कि सिलेबस कब तक खत्म करना, रिवीजन कब-कब करना है, आंसर राइटिंग को कितना समय देना है) का जिक्र करते हुए समय का निर्धारण किया। जिसके बाद लगातार उन्होंने उस टाइम टेबल को ही फॉलो किया।

अपने सपने को हकीकत में बदला

मंदार का सपना IAS अफसर बनकर देश की सेवा करना था। जिसके लिए उन्होंने ना सिर्फ कड़ी मेहनत की, बल्कि अपने ऊपर विश्वास भी बनाए रखा। इसी विश्वास का नतीजा था कि उन्हें पहली बार में ही सफलता मिल गई और वो अपने सपने को हकीकत में बदलने में कामयाब हो गए। मंदार ने इस इम्तिहान में न सिर्फ कामयाबी हासिल की बल्कि टॉप भी किया। UPSC की परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 22वीं रैंक हासिल की।

मंदार कहते हैं कि हमेशा लिमिटेड रिसोर्सेज के साथ पढ़ाई करनी चाहिए, साथ ही मल्टीपल रिवीजन करते रहना चाहिए। इसके अलावा पढ़ाई हमेशा प्लानिंग के हिसाब से करनी चाहिए। कब, क्या और कितना पढ़ना है, अगर ये आपको पता होगा तो तैयारी बेहतर ढंग से हो पाएगी। मंदार का मानना है कि मेहनत करने का जज्बा और लगन अगर आपके अंदर है, तो कोई भी आपको UPSC की परीक्षा पास करने से नहीं रोक सकता।