javelin throw championship 2021 : कंक्रीट प्लांट में मजदूरी करने वाले का बेटा भालाफेंक प्रतियोगिता में करेगा उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व, पिता ने कहा – गरीबी के चलते नहीं कर पाया बेटे की मदद

javelin throw championship 2021 : काबिलियत और प्रतिभा धन दौलत देख कर नहीं आती है, यह बात तो हम सभी मानते हैं। साथ ही दुनिया में भी कई ऐसे उदाहरण मौजूद है जिसने इस बात को पूरी तरह से साबित कर दिया है। ऐसा ही अब एक और उदाहरण उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से सामने आया है।

उत्तर प्रदेश राज्य के कुशीनगर जिले से रामकोला विकासखंड के एक छोटे से गांव चिलवान के रहने वाले इंद्रजीत उन युवाओं के लिए एक उदाहरण हैं जो मुश्किल हालातों के बाद सफलता हासिल करते हैंं। बेहद गरीब परिवार से संबंध रखने वाले इंद्रजीत के पिता एक मजदूर हैं। चार भाईयो में सबसे बड़े इंद्रजीत 17 साल के हैं। इनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल से हुई है। कंक्रीट प्लांट में मजदूरी करने के साथ साथ चौकीदारी करने वाले इंद्रजीत अब चैंपियनशिप 2021 में भालाफेंक प्रतियोगिता में सूबे का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं। इस मुकाम पर ये अपनी कड़ी मेहनत के दम पर पहुंचे हैं।

भालाफेंक चैंपियनशिप की कैसे हुई शुरूआत

एक बार रेलवे स्टेशन के पास खाली पड़ी जमीन पर दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलते हुए इन पर गांव के ही वीर बहादुर सिंह की नजर पड़ी। वीर बहादुर ने देखा कि इंद्रजीत बहुत तेजी से गेंद फेंकता है। ऐसे में उसने इंद्रजीत को भालाफेंक के क्षेत्र में मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया। वीर बहादुर की बात मानते हुए ही इंद्रजीत ने जेवोलीनल थ्रो की तैयारी करनी शुरू की और अब तक वह जिला स्तर पर सबको अपना लोहा मनवा चुके हैं। अब वह इस प्रतियोगिता में अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं।

बेटे की इस कामयाबी पर इंद्रजीत की पिता विजय बहादुर बेहद खुश है। उनका कहना है कि उनके बेटे ने यह मुकाम अपनी कड़ी मेहनत के दम पर हासिल किया है। साथ ही उन्हें इस बात का दुख है कि वह अपनी मजबूरियों के चलते अपने बेटे की सहायता नहीं कर पाए हैं।

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