IAS Pallavi Verma : 6 प्रयासों में असफलता मिलने पर टूटा हौसला तो माता-पिता ने बेटी का दिया साथ, बनीं IAS अधिकारी
IAS Pallavi Verma : कहते हैं किसी भी चीज को पूरी ईमानदारी के साथ किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है. आज हम जिस आईएएस अधिकारी की कहानी आपके साथ साझा करने जा रहे हैं उनका नाम पल्लवी वर्मा है. कड़ी मेहनत और लगन की बदौलत उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने परिवार का नाम रोशन किया है. उनकी लगन का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्होंने इस परीक्षा को सातवें प्रयास में पास किया.
एक साक्षात्कार में पल्लवी ने बताया था कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान उनकी मां को कैंसर हो गया जिसके बाद उनकी कीमोथेरेपी भी हुई. इस दौर में भी उन्होंने अपना हौसला और तैयारी करना नहीं छोड़ा जिसके फलस्वरूप उन्हें सफलता मिल गई. जल्द सफलता हासिल करने वाले युवाओं के लिए पल्लवी की ये कहानी प्रेरणादायक हो सकती है. आइए जानते हैं उन्होंने कैसे देश की सबसे कठिन परीक्षा को मुश्किल हालातों के बीच पास कर लिया.
कौन हैं (IAS Pallavi Verma) आईएएस पल्लवी वर्मा
पल्लवी वर्मा इंदौर की रहने वाली हैं. मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली पल्लवी के पिता का नाम चंद्रप्रकाश वर्मा और मां का नाम मंजू वर्मा है. पल्लवी की शुरुआती पढ़ाई इंदौर से ही हुई. बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की होने के कारण उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में अच्छे अंक हासिल किए. बेसिक शिक्षा पूरी करने के बाद पल्लवी ने बायोटेक्नॉलोजी से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.
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एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि वो अपने परिवार की इकलौती ऐसी लड़की हैं जिसे विश्वविद्यालय जाकर पढ़ाई करने का मौका मिला. ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनकी चेन्नई की एक अच्छी खासी कंपनी में नौकरी लग गई. वहां वो सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करने लगी. हालांकि इस बीच उन्हें यूपीएससी परीक्षा के बारे में पता चला. जिसके बाद साल 2013 से उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.
आसान नहीं था UPSC परीक्षा का सफर
पल्लवी ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी तो शुरू कर दी थी. लेकिन उनका ये सफर आसान नहीं होने वाला था. वो कहती हैं शुरुआत में उन्हें इस परीक्षा के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं था. इसलिए उन्होंने इंटरनेट की मदद से बेसिक जानकारी और तैयारी का पैटर्न समझ लिया. फिर जरूरी स्टडी मैटेरियल इकट्ठा किया और रोजाना अखबार पढ़ना शुरू कर दिया.

वो बताती हैं कि यूपीएससी परीक्षा के लिए करेंट टॉपिक्स की तैयारी बहुत जरूरी होती है. पल्लवी को यूपीएससी परीक्षा में कई बार असफलताओं का भी सामना करना पड़ा. यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान वो तीन बार प्रीलिम्स में ही फेल हो गई. इसके बाद वो तीन बार इंटरव्यू तक तो पहुंच गई लेकिन वहां भी उनका नाम यूपीएससी रैंक में नहीं आ पाया.
हौसला टूटा तो परिवार ने दिया साथ
तैयारी के सफर का जिक्र करते हुए पल्लवी बताती हैं कि एकबार मेन्स की परीक्षा में असफलता मिलने पर वो काफी निराश हो गई थी. इस बार वो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी छोड़ना चाहती थी.
वो कहती हैं कि 6 सालों में यूपीएससी परीक्षा पास ना कर पाने के कारण रिश्तेदार भी मुझे ताने मारने लगे थे. लोग कहते थे कि उम्र बढ़ने के बाद शादी कोई नहीं करेगा और जो किस्मत में होता है वही मिलता है. लेकिन माता-पिता ने बेटी का हौसला बढ़ाया. जिसके बाद उन्होंने अपने सातवें प्रयास की तैयारी शुरू कर दी.
340वीं रैंक हासिल कर बनीं IAS अधिकारी
माता पिता द्वारा हौसला बढ़ाने के बाद पल्लवी ने सातवीं बार यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की. इस बार उन्होंने ना सिर्फ सफलता हासिल की बल्कि पूरे देश में 340वीं रैंक भी हासिल की और IAS अधिकारी बनने का सपना भी पूरा किया.

वो कहती हैं सातवें प्रयास की तैयारी के दौरान उनकी मां को कैंसर हो गया था. जिसके बाद उनकी कीमोथेरेपी हुई. इस दौरान उन्होंने मां की देखभाल भी की और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी भी की. कड़ी मेहनत और लगन की बदौलत उन्होंने इस परीक्षा में सफलता हासिल की