Faizan Ahmed IAS : दादा-दादी का सपना पूरा करने के लिए शुरू की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी, 58वीं रैंक हासिल कर बनें IAS अधिकारी

Faizan Ahmed IAS

Faizan Ahmed IAS : सफलता पाने का एक सीधा तरीका कठिन परिश्रम है। हालांकि ये आसान रास्ता नहीं है, लेकिन इस रास्ते कामयाबी मिलना तय है। UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए ये बात और भी ज्यादा महत्वपूर्ण इसलिए हो जाती है, क्योंकि इस परीक्षा को पास करने का कोई शार्ट कट नहीं है।

सही रणनीति के साथ की गई कड़ी मेहनत ही इस परीक्षा में सफलता की कुंजी है। हालांकि सही गाइडेंस भी अहम है। आज हम जिस शख्सियत की बात करने वाले हैं, उनकी सफलता का राज भी जी-तोड़ मेहनत ही है। सफलता की कहानी आज हम आपको जिस आईएएस अधिकारी के बारे में बताएंगे उनका नाम फैजान अहमद हैं. फैजान अहमद ने सफलता ऐसे युवाओं के लिए प्ररेणा हो सकती है जो मुश्किल हालातों में संघर्ष करते हुए यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं.

कौन हैं (Faizan Ahmed IAS) फैजान अहमद

फैजान अहमद मूल रूप से कोटा के बोरखेड़ा के रहने वाले हैं। फैजान एक पढ़े-लिखे परिवार से ताल्लुक रखते हैं। फैजान के पिता रेलवे में स्टेशन मास्टर की नौकरी करते हैं। वहीं मां शाहिदा बानो साइंस ग्रेजुएट हैं। परिवार में तीन भाई-बहन हैं, जिसमें फैजान सबसे बड़े है। छोटा भाई हिस्ट्री से MA की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बहन कोटा मेडिकल कॉलेज से MBBS में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा ले रही है। फैजान ने अपनी शुरुआती शिक्षा कोटा से ही हासिल की है।

जिसके बाद 2018 उन्होंने राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी से B.Tech करते हुए मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। फैजान के मुताबिक बचपन से उनका सपना डॉक्टर या इंजीनियर बनने का था, लेकिन ग्रैजुएशन के दौरान उनका मन बदल गया। धीरे-धीरे ऐसी प्रेरणा मिलती गई कि सिविल सेवा की तरफ झुकाव हो गया और इस तरह IAS बनने का मन बना लिया।

यूपीएससी परीक्षा में असफलता से आई निराशा

फैजान बताते हैं कि उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू करते हुए हैदराबाद में एक कोचिंग ज्वॉइन की थी। वहां रहकर उन्होंने इस परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की। जिसके बाद उन्होंने UPSC का अपना पहला अटेम्प्ट दिया। हालांकि वो इस बार कामयाब नहीं हुए। पहली असफलता से वो खासा निराश हो गए थे। फैजान के मुताबिक उनके दादा-दादी का सपना था वो कि IAS अफसर बनें। ऐसे में उन्होंने एक बार फिर हिम्मत जुटाई और तैयारी को आगे बढ़ाने का मन बनाया। उधर, परिवार और दोस्तों का सहयोग भी उन्हें लगातार मिलता रहा, जिस वजह से उनका हौंसला और भी मजबूत हुआ। जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

इस बार सफलता की तलाश में फैजान ने दिल्ली का रूख किया। अपने दादा-दादी के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में रहकर रेजिडेंशल कोचिंग का सहारा लिया। फैजान ने बताया हैं कि UPSC परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने रोजाना 9 से 10 घंटे तक पढ़ाई की। पढ़ाई के बीच में माइंड को फ्रैश रखने के लिए वो छोटे-छोटे गैप लेते रहते थे। UPSC के अपने दूसरे अटेम्प्ट के लिए फैजान ने निरंतर कठिन परिश्रम जारी रखा।

सपने को कर दिखाया साकार

कहते हैं मेहनत का फल मीठा होता है। फैजान को भी उनकी कड़ी तपस्या का फल सफलता के रूप में हासिल हुआ। UPSC के दूसरे प्रयास में फैजान ना सिर्फ सफल हुए, बल्कि बेहतरीन रैंक भी हासिल की। फैजान ने ऑल इंडिया 58वीं रैंक प्राप्त कर अपने दादा-दादी के सपने को हकीकत में तब्दील करके दिखाया। फैजान अपनी कामयाबी का श्रेय अपने परिवार और दोस्तों को देते हैं। फैजान कहते हैं कि उन्हीं की हौसला अफजाई ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया और वो आगे बढ़ने चले गए।