Arvind Kumar Meena IRS : पिता के निधन के बाद मां ने बेटे को मजदूरी कर पढ़ाया, यूपीएससी परीक्षा पास कर बने IRS अधिकारी

Arvind Kumar Meena IRS

Arvind Kumar Meena IRS : तूफानों से लड़कर जो अपनी कश्ती पार लगाता है, वहीं असली हीरो कहलाता है। हालांकि अपनी समस्याओं के भंवर से निकलकर सफलता का परचम लहराना आसान नहीं है। कामयाबी के लिए कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति का एक साथ होना जरूरी है। सफलता की कहानी में आज हम जिस आईएएस अधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं उनका नाम अरविंद कुमार मीणा है.

वो ऐसी जीती जागती मिसाल हैं जिन्होंने अपने बुलंद हौसलों के बल पर जमीन से आसमान की बुलंदियों तक छलांग मारी है। बचपन में पिता के निधन के बाद उन्होंने पिता के सपनों को साकार करने लिए अपनी कोशिश जारी रखी. आखिर में उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर ही ली. आर्थिक तंगी और मुश्किल हालातों के बावजूद भी सफलता हासिल करने वाले अरविंद की कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणा हो सकती है. आइए जानते हैं उन्होंने कैसे यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ली.

कौन है (Arvind Kumar Meena IRS) अरविंद कुमार मीणा

अरविंद कुमार मीणा राजस्थान के दौसा जिले के नाहरखोहरा गांव के रहने वाले हैं। जब अरविंद का जन्म हुआ तो उनका परिवार बेहद गरीबी में जीवन व्यापन कर रहा था। 12 साल की छोटी सी उम्र में अरविंद ने अपने पिता को खो दिया, जिसके बाद परिवार पर और भी ज्यादा परेशानियों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी अरविंद की मां सज्जनो देवी पर आ गई। उन्होंने मजदूरी करके किसी तरह से परिवार का पालन पोषण किया।

अरविंद का बचपन एक मिट्टी के घर में बीता है। इन मुश्किल भरी परिस्थितियों के बीच में ही अरविंद ने अपनी शिक्षा भी हासिल की है। एक वक्त ऐसा आया जब अरविंद ने पढ़ाई छोड़कर अपनी मां की मदद करने की ठान ली, लेकिन उनकी मां ने ऐसा नहीं करने दिया। हौसला-अफजाई करते हुए अरविंद की मां ने उन्हें पढ़ाई पूरी करने के लिए प्रेरित किया। जिसके बाद अरविंद ने अपनी पढ़ाई लिखाई पूरी की‌। इस दौरान उनके मन में सिविल सेवा परीक्षा को लेकर झुकाव पैदा हो गया और उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी।

SSB की नौकरी और IAS बनने का सपना

कॉलेज से शिक्षा पूरी करने के बाद अरविंद कुमार मीणा का चयन सशस्त्र सीमा बल (SSB) में सहायक कमांडेंट पोस्ट पर हो गया। इसके बाद उन्होंने वहां नौकरी की शुरूआत कर दी, लेकिन इस बीच UPSC की तैयारी भी जारी रखी। अरविंद अपने सपने को साकार करने के लिए दिन रात मेहनत करते रहे। अरविंद की नौकरी और तैयारी दोनों साथ-साथ चलती रही।

IAS बनकर किया नाम रोशन

यूपीएससी की तैयारी करने के बाद उन्होंने परीक्षा में शिरकत की और 2020 में उन्होंने आखिरकार सफलता हासिल कर ली। ऑल इंडिया 676वीं रैंक और ST वर्ग में 12वीं रैंक प्राप्त कर उन्होंने IAS बनने का अपना सपना साकार किया।

कहते हैं अंत भला तो सब भला। अरविंद कुमार मीणा ने भले ही बचपन से तमाम कठिनाइयों का सामना किया लेकिन आखिर में उन्होंने IAS की कुर्सी हासिल कर ली। और ऐसा संभव तभी हो पाया जब उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दिखाई।