होमटाउन प्रश्न कठिन वर्णनात्मक Practice Question

कानपुर को 'लेदर सिटी ऑफ इंडिया' कहा जाता है, लेकिन चमड़ा उद्योग गंगा प्रदूषण का बड़ा कारण भी है। अगर आप कानपुर के जिलाधिकारी हैं, तो रोज़गार और पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे बनाएंगे?

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सिफारिशित दृष्टिकोण

सिफारिशित दृष्टिकोण: पहले जाजमऊ टैनरी क्लस्टर का वैज्ञानिक आकलन कराएंगे — कितनी इकाइयां CETP (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) से जुड़ी हैं और कितनी नहीं। पर्यावरण मानदंडों का पालन न करने वाली इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर चरणबद्ध कार्रवाई करेंगे, लेकिन आजीविका बचाने के लिए टैनरी श्रमिकों के कौशल उन्नयन और वैकल्पिक रोज़गार की योजना साथ-साथ चलाएंगे। नमामि गंगे मिशन के तहत सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाना दीर्घकालिक समाधान है।

क्यों?

बोर्ड यह देखना चाहता है कि अभ्यर्थी पर्यावरण और रोज़गार — दोनों की चिंता को एक साथ रखकर व्यावहारिक प्रशासनिक समाधान दे सकता है या नहीं।

मुख्य बिंदु

  • कानपुर का जाजमऊ क्षेत्र देश के सबसे बड़े टैनरी क्लस्टरों में से एक है
  • गंगा में औद्योगिक अपशिष्ट और अनुपचारित सीवेज दोनों प्रदूषण के बड़े स्रोत हैं
  • CETP अनुपालन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी और नमामि गंगे मिशन प्रमुख उपकरण हैं
  • श्रमिकों के पुनर्वास और कौशल विकास के बिना कोई भी कार्रवाई अधूरी रहेगी

सामान्य गलतियाँ

  • सिर्फ टैनरियां बंद करने की बात कहना — लाखों की आजीविका पर असर होगा
  • पर्यावरण कानूनों का उल्लेख किए बिना केवल सामान्य बातें करना

संभावित फॉलो-अप प्रश्न

  • नमामि गंगे मिशन के तहत कानपुर में क्या काम हुआ है?
  • CETP क्या होता है और यह कैसे काम करता है?
  • अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के पुनर्वास में क्या चुनौतियां हैं?