होमटाउन प्रश्न कठिन वर्णनात्मक Practice Question

2015 की चेन्नई बाढ़ ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर किया था। झीलों और जलनिकासी पर अतिक्रमण रोकने के लिए प्रशासन क्या कर सकता है?

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सिफारिशित दृष्टिकोण

सिफारिशित दृष्टिकोण: 2015 की बाढ़ का बड़ा कारण जलाशयों और बाढ़ के मैदानों पर अतिक्रमण था। समाधान के लिए सभी जलाशयों का GIS मानचित्रण करके बफर ज़ोन अधिसूचित करेंगे और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई होगी — लेकिन गरीब बस्तियों के मामले में मानवीय पुनर्वास के साथ। भविष्य के लिए मास्टर प्लान में जल-संवेदनशील नियोजन, वर्षा जल निकासी का पृथक तंत्र और आर्द्रभूमि (वेटलैंड) संरक्षण अनिवार्य करेंगे।

क्यों?

आपदा से सीख, भूमि-उपयोग नियोजन और सामाजिक न्याय — तीनों आयामों की समझ जांची जाती है।

मुख्य बिंदु

  • 2015 की चेन्नई बाढ़ शहरी नियोजन की विफलता का उदाहरण मानी जाती है
  • जलाशयों पर अतिक्रमण बाढ़ की तीव्रता बढ़ाता है
  • GIS मानचित्रण अतिक्रमण की पहचान में प्रभावी उपकरण है
  • आर्द्रभूमियां प्राकृतिक बाढ़ नियंत्रण का काम करती हैं

सामान्य गलतियाँ

  • बाढ़ को केवल प्राकृतिक आपदा मानना, मानवीय कारणों की अनदेखी
  • गरीब बस्तियों के पुनर्वास पहलू को भूलना

संभावित फॉलो-अप प्रश्न

  • शहरी बाढ़ के प्रमुख कारण क्या हैं?
  • आर्द्रभूमियों का पर्यावरणीय महत्व क्या है?
  • मास्टर प्लान में जल-संवेदनशील नियोजन कैसे हो?