Sumit Kumar Pandey ias : पैसों की कमी के चलते खाना में कटौती कर की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी, बनें IAS अधिकारी

Sumit Kumar Pandey ias

Sumit Kumar Pandey ias : देश की सबसे कठिन माने जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) को पास करने के लिए अभ्यर्थियों को अनेकों प्रकार के त्याग करने पड़ते हैं। तब जाकर वो इस परीक्षा को पास करते हैं। आज हम आपको एक ऐसे आईएएस अधिकारी के बारे में बताएंगे जिन्होंने एक छोटे से राज्य से निकलकर अपने मां-बाप के सपनों को साकार किया।

ये कहानी सुमित कुमार पांडेय (Sumit Kumar Pandey) की है, जिन्होंने साल 2020 में UPSC परिक्षा न केवल पास किए बल्कि इन्होनें अच्छी खासी रैंक भी हासिल की। इनके बारे में बताने से पहले आपको बता दें कि परेशानियां जैसी भी हो अगर आप सुमित बनकर सोचेंगे तो आप किसी भी तरह की समस्यायों को आसानी से पार कर सकते हैं। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा (UPSC 2020) के नतीजे 24 सितंबर, 2021 को जारी किए गए थे। फाइनल रिजल्ट (Final Result) में कुल 761 कैंडिडेट्स को चुना गया था। जिनमें एक नाम सुमित कुमार कुमार पांडेय (Sumit Kumar Pandey) की थी। अब आइए जानते हैं उनके सफलता के राज।

कौन हैं (Sumit Kumar Pandey ias) सुमित कुमार पांडेय

सुमित बिहार के गोपालगंज जिले के जगीरदारी बगहा गांव से ताल्लुक रखते हैं, जहां पढ़ाई लिखाई को लेकर ज़्यादा जागरूकता नहीं है। इनके परिवार की बात करें तो सुमित दो भाई, दो बहनें ममता देवी व सरिता देवी और माता-पिता है। सुमित के बड़े भाई अमित ने अपने छोटे भाईयों की पढ़ाई के लिए अपनी पढ़ाई छोड़कर काम शुरू कर दिया था। ताकि छोटे भाईयों की पढ़ाई में कोई कमी ना रहे। ऐसे में सुमित के माता-पिता ने उनकी पढ़ाई लिखाई और बेहतर भविष्य के लिए गांव से दूर रखा. केवल 8 साल की उम्र में ही उन्हें बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया था। सुमित ने 12वीं तक की पढ़ाई बोर्डिंग स्कूल से ही की।

उसके बाद इन्होंने साल 2017 में आईआईटी से ग्रेजुएशन किया। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने नौकरी की क्योंकि फाइनेंसियल समस्याएं थी। लेकिन उनका फोकस UPSC था। उन्होंने अपने आत्मविश्वास को जगाए रखा और फिर नौकरी को छोड़कर साल 2018 फरवरी से UPSC परीक्षा की तैयारी में जुट गए। सुमित यूपीएससी की तैयारी के अपने अनुभव को साझा करते हुए बताते हैं कि उनके पास किताब लेने को पैसे नहीं रहते थे इसलिए जो घर से पैसे खाने के लिए मिलते थे, उसमें से कटौती करके किताबें खरीद लेते थें।

यूपीएससी परीक्षा के 2 प्रयासों में मिलती असफलता

सुमित ने साल 2018 से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा की तैयारी में जुट गए थे। लेकिन इस वर्ष उनका प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं हो पाया था, फिर भी उन्होंने खुद पर विश्वास बनाए रखा और सम्स्याओं को झेलते हुए अपने लक्ष्य पर कायम रहे और वर्ष 2019 में सफलता हासिल की। वो बताते हैं कि साल 2019 के अपने दूसरे प्रयास में प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा में तो अच्छे अंक प्राप्त किए थे लेकिन इंटरव्यू में ज्यादा अच्छा प्रदर्शन नहीं था। लेकिन कहते हैं न कि कुछ बड़ा हासिल करने के लिए आपको ज्यादा मेहनत और धैर्य की जरूरत होती है. सुमित पूरी मेहनत और लगन के साथ तैयारी करते रहें .

337वीं रैंक हासिल कर बनें IAS अधिकारी

सुमित की मेहनत और लगन का नतीजा साल 2020 में देखने को मिला. उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में ना सिर्फ सफलता हासिल की. बल्कि 37वीं रैंक भी हासिल की. इसी के साथ उनका आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा हुआ. सुमित अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और पूरे परिवार को देते हुए कहते हैं कि परिवार वालों का सपोर्ट होना बेहद ही जरूरी होता है। जिससे तैयारी और भी आसान हो जाती है।आगे वो बताते हैं कि दोस्तों का ग्रुप भी पढ़ाई में काफी सहायक रहा।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सलाह देते हुए सुमित कहते हैं कि तैयारी के समय सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखना बेहद ही जरूरी है। व्हाटसएप की थोड़ी बहुत यूटिलिटी हो सकती है। उस पर कुछ ग्रुप बन जाते हैं, जिनसे स्टडी मैटेरियल मिलता है। कुछ ग्रुप पर डिस्कशन होता है जो परीक्षा से रिलेटेड प्रश्न होते हैं। बाकि सोशल मीडिया को नजरअंदाज ही करना चाहिए। यदि आप सोशल मीडिया पर रहेंगे तो आप देखेंगे कि आपके साथ के लोग क्या कर रहे हैं, वह कार्पोरेट में काम कर रहे हैं, पैसा कमा रहे हैं तो सोचेंगे कि आप क्या कर रहे हैं। इससे निराशा होती है और ध्यान भटकता है।