IPS Akshat Kaushal : 4 बार upsc परीक्षा में मिली असफलता से टूटा हौसला, मां की बात मानकर किया आखिरी प्रयास और बनें IPS अधिकारी

IPS Akshat Kaushal

IPS Akshat Kaushal : यूपीएससी परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक हैं. इस परीक्षा में कड़ी मेहनत के साथ साथ धैर्य की भी बहुत जरूरत पड़ती है. आज हम आपको आईएएस अधिकारी अक्षत कौशल के बारे में बताने जा रहे हैं जो एक मीडिल क्लास परिवार से आते हैं. उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में एक या दो प्रयासों में नहीं बल्कि पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की.

हालांकि इस पांचवे प्रयास में उन्होंने ना सिर्फ सफलता हासिल की बल्कि अच्छी खासी रैंक के साथ अधिकारी बनकर अपने सपनों को पूरा भी किया. उनकी कहानी ऐसे युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन सकती है जो इस परीक्षा की तैयारी के दौरान असफल होकर आगे प्रयास करना छोड़ देते हैं. आइए जानते हैं अक्षत ने कैसे अपने सपनों को पूरा किया.

कौन हैं (IPS Akshat Kaushal) आईपीएस अक्षत कौशल

अक्षत कौशल फरीदाबाद के रहने वाले हैं. एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले अक्षय के पिता का नाम अविनाश कौशल है. वहीं मां का नाम संगीता कौशल हैं. पिता बैंक में नौकरी करते थे. वहीं, उनकी मां भी सेंट्रल गवर्नमेंट में अभी कार्यरत हैं. छोटी बहन उदिता सीए हैं और भाई उदित आईटी कंपनी में कार्यरत हैं। अविनाश की शुरुआती पढ़ाई फरीदाबाद से ही हुई. यहां उन्होंने सेक्टर 15 के एपीजे स्कूल से अपनी इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की .

बेसिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. अक्षत लोगों के लिए कुछ करना चाहते थे. इसलिए उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई कर एक मीडिया संस्थान में बतौर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट काम शुरू कर दिया. इस दौरान उन्हें लगा कि वो लोगों की बात तो पहुंचा रहे हैं लेकिन लोगों की मदद नहीं कर पा रहे हैं. इसलिए उन्होंने आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों की समस्याओं को हल करने का संकल्प लेकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने के विचार किया. इसी के साथ उन्होंने दिल्ली के एक संस्थान में कोचिंग ज्वाइन कर ली.

यूपीएससी परीक्षा में 4 बार मिली असफलता

यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने कोचिंग तो ज्वाइन कर ली थी. लेकिन उनके लिए ये सफर बहुत दूर था. अक्षत ने सबसे पहली बार साल 2013 में यूपीएससी परीक्षा में शामिल हुए. इस बार उन्हें असफलता नहीं मिली. फिर इन्होंने अपनी पत्रकारिता की नौकरी छोड़कर साल 2016 में पूरी तरह परीक्षा की तैयारी में जुट गए।

वो कहते हैं कि नौकरी छोड़कर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना बहुत मुश्किल था लेकिन परिवार के सहयोग की बदौलत उन्हें ऐसा करने का हौसला मिल गया. इसके बाद वो लगातार दो और प्रयासों में असफल हुए. लेकिन इस बीच उन्होंने हौसला नहीं खोया और तैयारी करते रहे.

55वीं रैंक हासिल कर बनें IAS अधिकारी

कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास की बदौलत उन्होंने साल 2018 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 55वीं रैंक हासिल की. अपने पांचवे प्रयास को याद करते हुए अक्षत बताते हैं कि प्री की परीक्षा के 17 दिनों पहले जब वो निराश हो गए थे और इस परीक्षा में शामिल नहीं होना चाह रहे थे.

उस दौरान उनकी मां और उनके दोस्तों के हौसले की बदौलत ही वो इस परीक्षा में शामिल हो गए. उनकी मां और दोस्त की सलाह की वजह से ही उनका सपना पूरा हो सका. और वो आईपीएस अधिकारी बन गए. अक्षत युवाओं को प्रेरित करते हुए बताते हैं आपको अपने आसपास के लोगों की बातों को गंभीरता से लेना चाहिए.