Ankita Kumawat : IIM से मैनेजमेंट की पढ़ाई कर विदेश में लाखों रुपए की नौकरी छोड़ी, दूध के कारोबार से खड़ी की करोड़ों की कंपनी

Ankita Kumawat : IIM से मैनेजमेंट की पढ़ाई कर विदेश में लाखों रुपए की नौकरी छोड़ी, दूध के कारोबार से खड़ी की करोड़ों की कंपनी

आज कल के युवा विदेश की नौकरी करने लिए सब कुछ त्याग देते हैं। उनका बस एक ही सपना होता है की जल्दी से पढाई पूरी कर विदेश चले जाए और नौकरी कर अच्छा खासा वेतन मिले. ऐसे में काफी भारतीय विदेश में जाकर वहीं बस जाते हैं. आज हम आपको अंकिता कुमावत के बारे में बताएंगे.

जिन्होंने देश में अच्छी खासी पढ़ाई की और विदेश पर नौकरी करने लगी. लेकिन वतन की याद ने उन्हें वापस बुला लिया। वो देश में वापस आकर कुछ ऐसा करना चाहती थी जिससे उन्हें विदेश ना जाना पड़े और यहां के लोगों के लिए भी कुछ अच्छा हो पाए. देश में आकर उन्होंने अपने पिता के साथ डेयरी का काम किया. आज डेयरी के काम से वो 1 करोड़ रुपए कमा रही हैं. आइए जानते हैं अंकित की इस सक्सेस स्टोरी के बारे में

कौन हैं अंकिता कुमावत

अंकिता कुमावत राजस्थान के अजमेर की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई अजमेर से ही की. अंकिता के पिता सरकारी कर्मचारी थे. लेकिन नौकरी से रिटायर होने के बाद उन्होंने अजमेर में ही एक दूध की डेयरी खोल ली थी. अंकिता ने कलकत्ता के IIM कॉलेज से मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका जर्मनी की एक कंपनी में सिलेक्शन हो गया. यहां उन्होंने कुछ सालों तक नौकरी की. इसके बाद वो अमेरिका जाकर काम करने लगी.

अंकिता कुमावत के अनुसार जब वो अमेरिका में थी तब उन्हें 2750 डॉलर और जर्मनी में 3050 यूरो वेतन के तौर पर मिल रहा था. अपने वेतन से वो काफी खुश थी. उन्होंने 2014 तक कंपनियों में काम किया. अचानक एक दिन उनके पिता का स्वास्थ्य खराब हो गया. पिता ने बेटी को फोन कर वापस घर आने के लिए कहा. वहीं अंकिता भी देश में वापस आकर कुछ करना चाहती थीं. वहीं, पिता की बीमारी की खबर सुनकर अंकिता ने विदेश की नौकरी छोड़ दी. और अपने घर आ गई. यहां आकर उन्होंने पिता की दूध की डेयरी का काम संभाल लिया.

पिता की डेयरी में शुरु किया काम

अंकिता ने जबकाम शुरु किया तो उन्हें पैसों की कमी का सामना करना पड़ा. डेयरी का व्यापार ज्यादतर नगद ही होता है इसलिए उन्हें अपने पैसों को खर्च करना पड़ता था. इस बीच कई बार बिजनेस के शुरुआती दिनों में आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ा. हालांकि इस दौरान उन्होंने कभी भी आत्मविश्वास नहीं खोया. अंकिता ने एक साक्षात्कार में बताया था कि किसी भी काम में सफलता पाने के लिए कम से कम 2.5 साल का समय लग जाता है.

अंकिता ने शुरुआती समय ये जान लिया अब नया दौर चल रहा है ऐसे में पारंपरिक व्यवसाय को छोड़कर नए तरीके से इस व्यवसाय को करना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके लिए उन्होंने जैविक डेयरी और डेयरी उत्पादों की होम डिलीवरी शुरु कर दी. वो जैविक सब्जियां, अनाज, आटा, शहद, मसाले आदि बेचा करती थीं. इस दौरान उन्होंने लगभग सभी उत्पादों की होम डिलीवरी शुरु कर दी. अपने डेयरी के काम को बढ़ाने के लिए उन्होंने गाय के दूध को ज्यादा बेहतर ढंग से लोगों के घरों में जाकर प्रचार प्रसार किया. उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि आज उनकी कंपनी से सालाना कमाई 90 लाख रुपए हैं.

शादी के बाद पति ने भी दिया साथ

विदेश से लौटने के बाद जब अंकिता कुमावत ने पिता की डेयरी में दूध का काम शुरु किया तब उनकी शादी लोकेश गुप्ता से हो गई थी. 33 साल की अंकिता बताती हैं कि उनके पति लोकेश उनका हर जगह सपोर्ट करते हैं. लोकेश ने भी एमबीए किया हुआ है. वो 80 हेक्टेयर जमीन पर सब्जियां दाल आदि की खेती करते हैं. इसके अलावा उनके पास स्थानीय राजस्थानी नस्ल की लगभग 50 गायें हैं।

अंकिता ने कहा, “हम गोबर और गोमूत्र को खाद के रूप में इस्तेमाल करते हैं और यहां तक कि कीटनाशक के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं।” अंकिता और लोकेश का मानना है कि किसी भी अन्य युवा पेशेवरों की तरह उनका भी पढ़ाई के बाद एक अच्छी नौकरी का सपना था और उन्होंने विदेश में भी काम किया, लेकिन उन्हें देश की याद आ रही थी. वो यहां के लोगों के लिए कुछ करना चाहती थीं. अंकिता बताती हैं कि इस समय उनके साथ करीब 100-150 लोग काम कर रहे हैं. उन्हें इस बात का गर्व है कि पढ़ाई के बाद वो इस काबिल हो सकी कि गांव के लोगों को रोजगार दे सकें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *