Ias Deputation Explained : IAS कैडर नियमों में बदलाव को लेकर ममता बनर्जी ने लिखी पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी, जानिए क्या बदलाव करने जा रही सरकार

Ias Deputation Explained

Ias Deputation Explained : केंद्र सरकार आईएएस कैडर नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है. इस क्रम में केंद्र सरकार आईएएस कैडर अधिनियम 1954 में कुछ संसोधन करने का विचार कर ही है. जिसके तहत केंद्र सरकार आईएएस अधिकारियों अफसर को केंद्र में पोस्ट कर सकती है. जिसके बाद राज्य सरकार का आईएएस अधिकारियों पर अधिकार खत्म हो जाएगा.

अगर इस अधिनियम में बदलाव होता है तो राज्य सरकार ना ही किसी आईएएस अधिकारी को अपनी इच्छा पर रख सकेगा ना ही उस राज्य की सेवाओं से मुक्त कर सकेगा. फिर केंद्र सरकार जिस राज्य के कैडर से वह अफसर संबंध रखता है तो केंद्र सरकार की ओर से तय तारीख से ही अधिकारी को अपने राज्य के कैडर से मुक्त मान लिया जाएगा.

क्या है (ias cadre rules amendment 1954) आईएएस कैडर 1954

मौजूदा समय में आईएएस कैडर 1954 के आधार पर आईएएस अधिकारियों की भर्ती भले ही केंद्र सरकार करती है. लेकिन उनके कैडर आवंटन के लिए वो अधिकारी राज्य के अधीन आते हैं.

नियमों के अनुसार जिस राज्य को कैडर दिया जाता है उस राज्य और केंद्र सरकार की सहमति के बाद ही अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है. हालांकि राज्य और केंद्र सरकार की असहमति पर आखिरी फैसला केंद्र सरकार के पास सुरक्षित रहता है. और राज्य सरकार को केंद्र सरकार के फैसले को मानना पड़ता है.

विपक्षी पार्टियों ने केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव पर जताई असहमति

इन संसोधनों को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आपत्ति जताते हुए सरकार के इस कदम को संविधान की मूल भावना पर नुकसान की बात कही है. उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार चिठ्ठी भी लिखी है. जिसमें उन्होंने बताया है सरकार को इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए.

जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार आगामी बजट सत्र में इस संसोधन बिल को ला सकती है. इस संबंध में केंद्र सरकारी की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. यदि IAS काडर नियमों में सशोधन का यह बिल पास हो जाता है तो केंद्र को ऐसी शक्ति मिल जाएगी, जिसके बूते वह राज्य सरकार की अनुमति के बिना और आपत्तियों को दरकिनार करते करते हुए किसी भी आईएएस अफसर को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में तैनाती दे सकती है.