Pratibha verma ias : प्राइमरी स्कूल टीचर की बेटी बनीं IAS अधिकारी, यूपीएससी परीक्षा में हासिल की तीसरी रैंक

Pratibha verma ias : UPSC की परीक्षा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के मुकाबले कठिन एवं चुनौती से भरी होती है। IAS अधिकारी बनने का सपना रखने वाले अभ्यर्थी कड़ी मेहनत के बाद ही अपनी मंजिल हासिल कर पाते हैं। हालांकि इस परीक्षा में बैठने वाले हर व्यक्ति को कामयाबी हासिल नहीं हो पाती है, लेकिन जो इस परीक्षा को पास करने में कामयाब हो जाते हैं. वो देश के युवाओं के लिए मिसाल बन जाते हैं।

यूपीएससी की परीक्षा में बैठने वाली ऐसी ही एक IAS अधिकारी की कहानी हम इस पोस्ट में आपके सामने लेकर आए हैं। जिन्होंने सफलता हासिल कर लोगों को बताया कि असफलता से हारना नहीं चाहिए बल्कि दोगुनी मेहनत के साथ तैयारी करनी चाहिए। आज हम जिस आईएएस अधिकारी के बारे में बात कर रहे हैं उनका नाम प्रतिभा वर्मा है. आइए जानते हैं प्रतिभा ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर कैसे सफलता हासिल कर ली.

कौन हैं (IAS Pratibha Verma) आईएएस प्रतिभा वर्मा

प्रतिभा उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की रहने वाली है. प्रतिभा की मां का नाम ऊषा वर्मा है और पिता का नाम सुदंश वर्मा है. इनके माता और पिता दोनों ही शिक्षक हैं। मां एक स्कूल में प्राइमरी टीचर हैं जबकि पिता हायर सेकेंड्री स्कूल में पढ़ाते हैं. प्रतिभा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सुल्तानपुर से ही पूरी की. शुरुआत से ही पढ़ाई लिखाई में अच्छा होने के कारण उन्हें सफलता मिल गई. शुरुआती पढ़ाई के दौरान उन्होंने आईआईटी की तैयारी शुरु कर दी.

Pratibha verma ias : प्राइमरी स्कूल टीचर की बेटी बनीं IAS अधिकारी, यूपीएससी परीक्षा में हासिल की तीसरी रैंक 1

जिसके बाद दिल्ली आईआईटी में इनका सिलेक्शन हो गया. प्रतिभा ने दिल्ली आईआईटी से अपनी बीटेक की पढ़ाई पूरी की. बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में 2 साल तक नौकरी की। नौकरी के दौरान प्रतिभा एक महिला सशक्तिकरण संस्था से भी जुड़ गई। इस संस्था में काम करने के बाद प्रतिभा को एहसास हुआ कि उन्हें इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहिए। सपनों को पूरा करने के लिए वो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुट गई।

दूसरे प्रयास में 489वीं रैंक हासिल कर बनीं IRS अधिकारी

साल 2017 में प्रतिभा ने पहली बार यूपीएससी का एग्जाम दिया लेकिन इसमें उन्हें असफलता ही हासिल हुई. इस परीक्षा के लिए उनकी तैयारी अच्छी ना होने के कारण वो यूपीएससी परीक्षा पास नहीं कर पाईं. दूसरे प्रयास में उन्होंने 489 वीं रैंक हासिल कर यूपीएससी परीक्षा पास कर ली। इस रैंक को हासिल कर उन्हें आईआरएस अधिकारी के तौर पर सेवा देने का मौका मिला. जिसके बाद वो नागपुर में आयकर आयुक्त के रूप में काम करने लगी. प्रतिभा आईएएस अधिकारी बनना चाहती थी लेकिन कम रैंक के कारण उन्हें आईआरएस का पद ही मिल पाया. जिस कारण उनका आईएएस बनने का सपना पूरा नहीं हुआ था।

यूपीएससी परीक्षा में तीसरी रैंक पाकर बनीं आईएएस अधिकारी

आईएएस अधिकारी का सपना लेकर प्रतिभा ने साल 2018 में फिर से तैयारी करने का विचार किय. उन्होंने फिर से दोगुनी मेहनत के साथ पढ़ाई शुरू कर दी. हालांकि इसबार उनको यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना इतना आसान नहीं था. वो तैयारी के दौरान कई बार बीमार हो गईं. सबसे पहले तो उन्हें डेंगू हो गया। जब प्रतिभा डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी से बाहर ही पाई थी कि उन्हें टायफायड ने अपनी चपेट में ले लिया। इतनी मुश्किल के बाद कोई भी हार मान जाए, लेकिन प्रतिभा में हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने तैयारी की रणनीति बदलकर फिर से प्रयास किया और उन्हें इस बार सफलता मिल गई. उन्हें देश की सबसे कठिन परीक्षा में साल 2019 में तीसरी रैंक हासिल हुई. इस रैंक के साथ उन्हें आईएएस अधिकारी का पद मिल गया.

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यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए प्रतिभा का सुझाव है कि परीक्षा में मिल रही सफलता से घबराना नहीं चाहिए। अच्छी रणनीति के साथ तैयारी करने पर यूपीएससी की परीक्षा में सफलता अवश्य मिलेगी। इसके साथ ही प्रतिभा का कहना है कि यूपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को मानसिक रूप से बेहद मजबूत रहने की जरूरत होती है। क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि अभ्यर्थी परीक्षा में मिली असफलता को स्वीकार नहीं कर पाते हैं। और जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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