Prakhar Singh IAS : IIT से पढ़ाई पूरी की लेकिन यूपीएससी परीक्षा के पहले प्रयास में नहीं मिली सफलता, फिर 29वीं रैंक हासिल कर बनें आईएएस

Prakhar Singh IAS

Prakhar Singh IAS : IAS बनने का सपना तो हर कोई देखता है, लेकिन इस सपने को हकीकत में कुछ ही लोग बदल पाते हैं। आईएएस बनने के लिए देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माने जाने वाली UPSC परीक्षा को पास करना पड़ता है। लेकिन इस परीक्षा को प्रखर सिंह ने अपनी कड़ी मेहनत से न केवल परीक्षा में सफलता पाई बल्कि ऑल इंडिया में अच्छी खासी रैंक भी हासिल की।

कौन हैं (Prakhar Singh IAS) आईएएस प्रखर

प्रखर सिंह उत्तर प्रदेश के रामपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता जी का नाम केदार सिंह है, जो सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर रामपुर में रहे और फिर निरीक्षक पद से रिटायर हुए हैं। उनकी मां गृहणी हैं। वो शुरू से ही पढ़ने में तेज थे। 12वीं कक्षा में उन्होंने 98 फीसदी अंक हासिल किए थे। 12वीं के बाद उनका एडमिशन आईआईटी रुड़की में हो गया था। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में की। साल 2019 तक उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और अंतिम साल सेल देश की सबसे कठिन माने जाने वाली परीक्षा (यूपीएससी) की तैयारी में जुट गये थे।

प्रखर की प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2018 में वह अपनी इंटर्नशिप के दौरान यूएस गए थे और नैनो टेक्नोलॉजी पर रिसर्च की थी। यूएस जाने के लिए भारत से केवल 19 छात्रों का चयन हुआ था, उसमें प्रखर का भी नाम शामिल था।

पहली बार में नहीं बन सके आईएएस

प्रखर बचपन से ही पढ़ाई में ठीक थे. लेकिन यूपीएससी परीक्षा के पहले प्रयास में उन्हें अच्छी रैंक नहीं मिल पाई. हालांकि पहले ही प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर ली थी.

प्रखर बताते हैं कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने पहले प्रयास में सिलेबस और अन्य संसाधनों को जुटा लिया था. लेकिन सही रणनीति ना बना पाने के कारण वो आईएएस अधिकारी नहीं बन पाए थे.

29वीं रैंक हासिल कर बनें आईएएस अधिकारी

पहले प्रयास में आईएएस ना बनने पर उन्होंने तैयारी करना नहीं छोड़ा. फिर साल 2019 में उन्होंने फिर से प्रयास किया और अपनी कड़ी मेहनत से न केवल परीक्षा में सफलता पाई बल्कि ऑल इंडिया में 29वीं रैंक हासिल की। उनकी सफलता से पूरा परिवार बहुत खुश है. अपनी सफलता के बारे में वो कहते हैं कि युवाओं को इस परीक्षा को आसान नहीं समझना चाहिए. सही रणनीति और मेहनत की बदौलत ही इस परीक्षा को पास किया जा सकता है