नम्बर पोर्ट कराने के लिए नहीं करना होगा लम्बा इंतजार, अब लगेगा इतना समय

नई दिल्ली : टेलीफोन कंपनी द्वारा मोबाइल नंबर पोर्टेबिलीटी की सर्विस दी जाने के बाद लगातार यूजर्स अपने नेटवर्क को बदलने का काम कर रहे हैं. आम जनता को अपना नंबर किसी अन्य कंपनी में पोर्ट करने में कोई परेशानी न हो इसके लिए सर्विस प्रोवाइडर ने नया तरीका निकाला है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने गुरुवार को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) नियमों में बदलाव कर पूरी प्रक्रिया को तेज और सरल कर दिया है.

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इस प्रक्रिया के अंतर्गत कोई भी यूजर अपने नंबर को महज 48 घंटों में पोर्ट करवा सकता है. यदि कोई सर्विस प्रोवाइडर 48 घंटों में नंबर को पोर्ट नहीं करता है तो उस पर जुर्माना लगाने की घोषणा भी की गई है.

100 हजार रुपये तक का जुर्माना

एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए ट्राई की ओर से कहा गया है कि अगर कोई भी सर्विस प्रोवाइडर नंबर को पोर्ट करने में 2 दिन से ज्यादा का समय लेता है या फिर पोर्टिंग एप्लीकेशन को गलत तरीके से खारिज करता है तो कंपनी पर हर बार 10000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा.
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अभी क्या है नियम

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में अगर भी कोई शख्स अपना नंबर किसी अन्य कंपनी के नंबर के पास ट्रांसफर करवाता है तो उसका वर्तमान कंपनी के साथ 90 दिन रहना अनिवार्य है.

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एक मैसेज करेगा बड़ा काम

ट्राई की ओर से जारी किए गए नए नियमों के मुताबिक, किसी उपभोक्ता ने पोर्टिंग के लिए मैसेज रिक्वेस्ट डाल दी है, तो वह महज एक मैसेज करके अपना फैसला बदल सकता है. इसके साथ ही ट्राई ने सभी टेलीकॉम सर्किल में यूनिक पोर्टिंग कोड की वैधता के दिनों को भी 4 कर दिया है. यह पहले 15 दिन हुआ करती थी. ट्राई के नए नियम आने के बाद उन लोगों को सुविधा होगी, जो अपना नंबर काफी समय से पोर्ट कराने की सोच रहे थे, लेकिन प्रक्रिया लंबी होने के कारण नहीं करवा पा रहे थे.

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